Ministry of Home Affairs: केंद्र का निर्देश, मणिपुर में हर हाल में सामान्य स्थिति हो बहाल

गृह मंत्री अमित शाह ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि 8 मार्च तक मणिपुर के सभी रास्तों पर जनता की मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठायें और इस काम में बाधा पैदा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. उन्होंने जबरन उगाही करने और अवैध हथियार रखने वालों पर भी कठोर कार्रवाई करने की बात कही.

Ministry of Home Affairs:मणिपुर पिछले कई महीनों से जातीय हिंसा का सामना कर रहा है. हिंसा के कारण मणिपुर का सामान्य जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है. हिंसा को रोकने में नाकाम रहने के कारण मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को इस्तीफा देना पड़ा और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल करने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया. राज्य के हालात को सामान्य करने के लिए शनिवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मणिपुर की सुरक्षा स्थिति पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में मणिपुर के राज्यपाल अजय भल्ला, केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो के प्रमुख, आर्मी कमांडर (पूर्वी कमान), सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और असम राइफल्स के महानिदेशक, सुरक्षा सलाहकार, मणिपुर और गृह मंत्रालय और सेना एवं मणिपुर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.


बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राज्य में स्थायी शांति बहाली के लिए प्रतिबद्ध है. शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार हर संभव मदद मुहैया करा रही है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 8 मार्च तक मणिपुर के सभी रास्तों पर जनता की मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाए और इस काम में बाधा पैदा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. साथ ही जबरन उगाही करने और अवैध हथियार रखने वालों पर भी कठोर कार्रवाई हो. गृह मंत्री ने मणिपुर से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आवाजाही के लिए चिन्हित किए गए प्रवेश स्थानों के दोनों तरफ बाड़ लगाने के काम को जल्द पूरा करने और नशे के कारोबार में शामिल नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने को कहा. 

उग्रवादी समूहों पर सख्ती की तैयारी में सरकार

गौरतलब है कि मैतई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने के अदालती फैसले के बाद पहाड़ी क्षेत्र में आदिवासी एकता मार्च का आयोजन मई 2023 में किया गया. इस आयोजन के दौरान हिंसा भड़क गयी और राज्य के दो प्रमुख समुदाय मैतई और कुकी के बीच व्यापक स्तर पर हिंसा का दौर शुरू हो गया. हालात को संभालने में मणिपुर की राज्य सरकार के तमाम प्रयास विफल रहे. आखिरकार 13 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया. 

राज्यपाल ने राज्य की स्थिति को संभालने के लिए 20 फरवरी तक लोगों को अवैध और लूटे गए हथियारों के साथ आत्मसमर्पण का अल्टीमेटम दिया. इसके बाद हजारों की संख्या में लोगों ने हथियार जमा कराए. इस कड़ी में शांति बहाली के लिए गृह मंत्री ने समीक्षा बैठक की है. ऐसी संभावना है कि राज्य में शांति बहाली के लिए जल्द ही विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली में बड़ी बैठक का आयोजन हो सकता है. केंद्र सरकार हर हाल में मणिपुर में शांति स्थापित करने की कोशिश में जुटी हुई है.

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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