कोरोना वायरस की तीसरी लहर को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पाबंदियों में छूट सावधानी पूर्वक देने को कहा है. केंद्र ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए पांच स्तरीय योजना टेस्ट, ट्रेसिंग , ट्रीटमेंट, वैक्सीनेशन तथा कोरोना प्रोटोकॉल के पालन को जरूरी बताया है. केंद्र ने 31 जुलाई तक के लिए विशेष सावधानी रखने को कहा है.
केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे जिलों को प्रशासनिक इकाइयों के रूप में देखते हुए संक्रमण के मामलों की दर और अस्पतालों में बेड की उपलब्धता पर नजर बनाये रखें. अगर मरीजों की संख्या बढ़ती है तो कंटेनमेंट जोन बनाने का ध्यान देना चाहिए. सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आवश्यक उपाय करने को कहा है.
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह कहा है कि यह देखना और सुनिश्चत करना हमारा कर्तव्य है कि किसी भी हाल में देश में कोरोना संक्रमण के मामले ना बढ़ें. इसके लिए कोरोना व्यवहार का पालन करना बहुत जरूरी है.
सार्वजनिक स्थलों पर ज्यादा भीड़ ना जमा करना, स्वच्छता का ख्याल रखना और वैक्सीनेशन पर जोर देना बहुत ही जरूरी है. उन्होंने कहा कि मैं राज्यों से यह आग्रह करता हूं कि वे निर्देश जारी करें और कोरोना से बचाव के तमाम उपाय करें, ताकि इस महामारी से बचाव हो सके.
Posted By : Rajneesh Anand
