महबूबा मुफ्ती का मोदी सरकार पर हमला, कहा- फिलिस्तीन को भी छोड़ दिया पीछे, ईस्ट-इंडिया कंपनी से की तुलना

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, मैं मोदी सरकार की तुलना फिलिस्तीन से करती हूं, क्योंकि कश्मीर में, पूरे देश में बीजेपी सरकार ‘ईस्ट-इंडिया कंपनी’ की तरह है. फिलिस्तीन तो बेहतर है, लेकिन यहां तो और भी बुरा हाल है. यहां लोगों के घरों को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है.

जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नरेंद्र मोदी सरकार की तुलना फिलिस्तीन से कर दी. उन्होंने कहा, कश्मीर सहित पूरे देश में बीजेपी सरकार ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह है.

फिलिस्तीन बेहतर, यहां हो और भी बुरा हाल : महबूबा मुफ्ती

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, मैं मोदी सरकार की तुलना फिलिस्तीन से करती हूं, क्योंकि कश्मीर में, पूरे देश में बीजेपी सरकार ‘ईस्ट-इंडिया कंपनी’ की तरह है. फिलिस्तीन तो बेहतर है, लेकिन यहां तो और भी बुरा हाल है. यहां लोगों के घरों को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है.

बीजेपी ने फिलिस्तीन को भी पीछे छोड़ दिया : महबूबा मुफ्ती

महबूबा मुफ्ती ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, पहले हम सोचते थे कि इजरायल फिलिस्तीन के साथ जो करता है, बीजेपी उससे सीख लेती है, लेकिन अब उन्होंने इसे पीछे छोड़ दिया है. भाजपा जम्मू-कश्मीर को अफगानिस्तान जैसा बनाना चाहती है.

Also Read: Jammu-Kashmir: आतंकियों ने उड़ाया घर, की अंधाधुंध फायरिंग, फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने कही यह बात

महबूबा मुफ्ती ने कहा, देश के संविधान को ध्वस्त करना चाहिती है बीजेपी

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, बीजेपी ने देश के संविधान को ध्वस्त करने के लिए अपने बहुमत को हथियार बनाया. उन्होंने असहमति और न्यायपालिका की आवाज को कुचलने के लिए मीडिया को भी हथियार बनाया.

कश्मीर जायेंगे तो अफगानिस्तान जैसा लगेगा : महबूबा मुफ्ती

PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, अगर आज आप कश्मीर जाएंगे तो आपको वह अफगानिस्तान जैसा लगेगा क्योंकि यहां इतने बुलडोजर हैं. अतिक्रमण के नाम पर लोगों को अपनी जमीन से निकाला जा रहा है. भाजपा ने शायद इजरायल से सबक लिया है. जैसा वह फिलिस्तीन के साथ करता है वैसा भाजपा कर रही है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >