Meghalaya News: मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले में गारो हिल स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया को लेकर तनाव के बीच दो लोगों की मौत हो गई. एक व्यक्ति की मौत सुरक्षा बलों की गोलीबारी में हुई, जबकि दूसरा व्यक्ति दो समूहों के बीच हुई झड़प में घायल होने के बाद अस्पताल में दम तोड़ गया. घटनाओं के बाद नागरिक प्रशासन के अनुरोध पर भारतीय सेना की टुकड़ियां जिले में तैनात की गईं. सेना ने चिबिनांग तथा तुरा में फ्लैग मार्च किया गया. वहीं बुधवार, 11 मार्च को मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने 10 अप्रैल के लिए निर्धारित गारो पर्वतीय परिषद चुनाव को हिंसा के कारण स्थगित करने की घोषणा की.
यह झड़प 9 मार्च को जीएचएडीसी चुनाव को लेकर आदिवासी और गैर-आदिवासी समूहों के बीच हुई थी. इसके बाद जिला प्रशासन ने जिले के 37 गांवों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया है. मेघालय पुलिस के कानून-व्यवस्था महानिरीक्षक डेविस एन.आर. मारक ने पुष्टि की कि दोनों मृतक चिबिनांग के निवासी थे. उन्होंने कहा, ‘एक व्यक्ति की मौत पुलिस फायरिंग में हुई, जबकि दो समूहों के बीच हुई झड़प में घायल दूसरे व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.’
वहीं, आज बुधवार को मेघालय शिक्षा बोर्ड ने पश्चिम गारो पर्वतीय जिले में कक्षा 12 की दो परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं. मेघालय शिक्षा बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक टी.आर. लालू ने कहा, ‘पश्चिम गारो पर्वतीय जिले में 11 मार्च (म्यूजिक) और 12 मार्च (एंथ्रोपोलॉजी) के लिए निर्धारित परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. इन्हें बाद में अधिसूचित तिथियों पर पुनर्निर्धारित किया जाएगा.’’ लालू ने बताया कि जिले में उत्पन्न हालात और कर्फ्यू के मद्देनजर विद्यार्थियों व परीक्षा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती उपाय किए गए हैं.
ये भी पढ़ें:- कोर्ट में साली का बयान: जीजा ने सपने में छेड़ा था, वायुसेना जवान 7 साल बाद बरी
पूरे विवाद के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भी झड़पें हुईं. एक अन्य अधिकारी ने कहा कि मंगलवार को जिले में स्थानीय परिषद चुनावों में नामांकन प्रक्रिया को लेकर आदिवासी और गैर-आदिवासी समूहों के बीच हुई झड़पों के दौरान पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद सरकार ने कर्फ्यू लागू किया और सेना बुलानी पड़ी. 10 मार्च को पुलिस ने 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद कर दिया.
स्थिति अब नियंत्रण में है
हालांकि, आज, बुधवार को मामले पर अपडेट देते हुए अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल किसी नई हिंसा की रिपोर्ट नहीं आई है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्थिति अब नियंत्रण में है. कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नियमित गश्त की जा रही है. संवेदनशील स्थानों पर रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया गया है. फिलहाल कर्फ्यू को दो दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है और इंटरनेट भी निलंबित रहेगा.
ये भी पढ़ें:- केवल आदिवासी लड़ पाएं चुनाव, गारो HADC ने बनाया ऐसा नियम; हाईकोर्ट ने किया रद्द
यह विवाद गारो हिल स्वायत्त जिला परिषद के उस नोटिफिकेशन के बाद हो रहा है, जिसमें उसने 10 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए एसटी सर्टिफेकट अनिवार्य कर दिया था. 17 फरवरी को जारी की गई इस अधिसूचना का उद्देश्य जीएचएडीसी में गैर आदिवासियों को चुनाव लड़ने से रोकना है. बुधवार को हाईकोर्ट ने इस ऑर्डर को रद्द कर दिया.
