Meghalaya election result: रुझानों में त्रिशंकु विधानसभा के आसार, गठबंधन सरकार बनाने की जुगत में भाजपा

चुनाव आयोग के अनुसार नेशनल पीपुल्स पार्टी 24 स्थान पर आगे चल रही है, जिसमें से एक सीट पर उसने जीत दर्ज कर ली है. भाजपा पांच सीटों पर आगे चल रही ��ै.

मेघालय विधानसभा के लिए हुए मतदान की गिनती के शुरुआती रुझानों में इस बार त्रिशंकु विधानसभा की तस्वीर उभर रही है. मेघालय में कुल 60 सीट हैं, लेकिन एक सीट पर प्रत्याशी का निधन हो जाने की वजह से चुनाव स्थगित कर दिये गये थे. इस बार कुल 59 सीट पर मतदान हुए हैं.

नेशनल पीपुल्स पार्टी सबसे बड़ी पार्टी

आजतक के अनुसार एनपीपी 24 सीटों पर आगे है, उसे चार सीट का फायदा हो रहा है. भाजपा 6 सीटों पर आगे है. टीएमसी को पांच सीट पर बढ़त है जबकि कांग्रेस भी 5 सीट पर आगे है और अन्य को 19 सीटों पर बढ़त हासिल है. वहीं चुनाव आयोग के अनुसार नेशनल पीपुल्स पार्टी 24 स्थान पर आगे चल रही है, जिसमें से एक सीट पर उसने जीत दर्ज कर ली है. भाजपा पांच सीटों पर आगे चल रही है. वहीं टीएमसी मेघालय में पहली बार चुनाव लड़कर 5 सीटों पर आगे चल रही है.

एग्जिट पोल में भी त्रिशंकु विधानसभा के आसार

मेघालय में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह आठ बजे मतों की गिनती शुरू हुई. मतगणना 13 केंद्रों पर जारी है. मेघालय में सोहियोंग सीट पर एक उम्मीदवार के निधन के कारण इस सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया है. एग्जिट पोल में भी मेघालय में त्रिशंकु विधानसभा का अनुमान लगाया गया था. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने मंगलवार रात असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से मुलाकात की, जिससे चुनाव के बाद गठजोड़ की अटकलों को बल मिला है.

गठबंधन सरकार की जुगत

संगमा की एनपीपी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मेघालय लोकतांत्रिक गठबंधन (एमडीए) के तहत पिछली सरकार को एक साथ चलाया, लेकिन चुनाव से पहले इनके बीच विरोध हुआ और दोनों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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