बंगाल में ‘मौत का खेला’ क्या राहुल गांधी को है स्वीकार? स्मृति ईरानी ने हिंसा को लेकर विपक्ष पर बोला हमला

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बंगाल में जारी हिंसा को मौत का खेला बताया. उन्होंने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा, पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में जिस प्रकार से लोकतंत्र की हत्या होते हुए लोग देख रहे हैं, जहां लोकतांत्रिक अधिकारों को जताने के लिए लोगों को मौत के घाट उतारा जा रहा है.

पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान व्यापक हिंसा में अबतक करीब 18 लोगों की मौत हो चुकी है. आज रविवार को भी कई जगहों से हिंसा की खबर आ रही है. इधर हिंसा पर राजनीति भी तेज हो गयी है. बीजेपी ने हिंसा के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बंगाल हिंसा को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा.

स्मृति ईरानी ने बंगाल हिंसा को बताया मौत का खेला

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बंगाल में जारी हिंसा को मौत का खेला बताया. उन्होंने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा, पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में जिस प्रकार से लोकतंत्र की हत्या होते हुए लोग देख रहे हैं, जहां लोकतांत्रिक अधिकारों को जताने के लिए लोगों को मौत के घाट उतारा जा रहा है. उसी तृणमूल के साथ कांग्रेस हाथ मिला रही है, क्या उनसे हाथ मिलाना मंजूर है उन्हें, जो पश्चिम बंगाल में कहर मचा रहे हैं? मौत का यह खेला राहुल गांधी को स्वीकार है?

अधीर रंजन ने ममता बनर्जी पर बोला हमला, कहा- आपके हाथ खून से सने

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला किया. उन्होंने कहा, राज्य में और विशेष रूप से मुर्शिदाबाद में स्थिति बहुत तनावपूर्ण और प्रतिकूल. मैं सीएम ममता बनर्जी से पूछना चाहता हूं कि आप किस तरह का लोकतंत्र चाहते हैं? आपके हाथ खून से सने हुए हैं. कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने मुर्शिदाबाद में पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा के दौरान कथित तौर पर मारे गए एक पार्टी कार्यकर्ता के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की.

बंगाल में हिंसा का लंबा इतिहास

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा का लंबा इतिहास रहा है. 2003 के पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा में 76 लोगों की मौत हुई थी और अकेले मतदान वाले दिन 40 लोग मारे गये थे. पिछले महीने चुनाव की तारीख की घोषणा होने के बाद से पश्चिम बंगाल में 30 लोग मारे गए। इससे पहले 2018 के चुनाव में भी इतनी ही संख्या में लोगों की मौत हुई थी.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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