'महिलाओं पर हो रहे अत्याचार की पीएम मोदी को कोई चिंता नहीं', बोले मल्लिकार्जुन खरगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) को देश का अब तक का सबसे ‘दिशाहीन’ गठबंधन ठहराया है. इसके बाद लगातार कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आ रही है. जानें किसने क्या कहा

मणिपुर मामले को लेकर संसद में गतिरोध जारी है. मणिपुर मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार को शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी. राज्यसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम प्रधानमंत्री से आग्रह करते हैं कि वह संसद में आएं और मणिपुर मुद्दे पर बोलें लेकिन वे अपनी पार्टी की बैठक में ईस्ट इंडिया कंपनी के बारे में बात कर रहे हैं. वे विपक्षी दलों द्वारा अपना नाम I.N.D.I.A रखे जाने से क्यों डर रहे हैं?

आगे खरगे ने कहा कि वे पटना और बेंगलुरु में हमारी सफल बैठकों से घबराये हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिशाहीन हो गये हैं, उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या करें और कैसे करें. मणिपुर का मुद्दा राजस्थान, छत्तीसगढ़ या पश्चिम बंगाल जैसा नहीं है, यह इससे कहीं अधिक गंभीर मुद्दा है. यह देश के पूरे पूर्वोत्तर राज्यों के लिए चिंता का विषय है. मणिपुर के बाद अब मेघालय, मिजोरम में स्थिति बिगड़ती नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा का भी मुद्दा है. उन्हें महिलाओं पर हो रहे अत्याचार की कोई चिंता नहीं है.

क्या बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) को देश का अब तक का सबसे ‘दिशाहीन’ गठबंधन ठहराया है. उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी तथा इंडियन मुजाहिदीन जैसे नामों का हवाला देते हुए कहा कि केवल देश के नाम के इस्तेमाल से लोगों को गुमराह नहीं किया जा सकता. प्रधानमंत्री मोदी ने बीजेपी संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही.

बैठक में मौजूद कई सूत्रों ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष की आलोचना की और भरोसा जताया कि 2024 के लोकसभा चुनावों में जीत के बाद सत्तारूढ़ एनडीए को लगातार तीसरा कार्यकाल मिलना तय है. केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने विपक्ष के ‘हताश और निराश’ व्यवहार का उल्लेख किया.

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मणिपुर के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक बुलाई

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि विपक्ष की एक ही मांग है कि प्रधानमंत्री खुद आकर चर्चा की शुरूआत करें. मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि जब मणिपुर के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक बुलाई थी, उस समय प्रधानमंत्री का मुद्दा था ही नहीं…उसके बाद सदन के नेताओं की सर्वदलीय बैठक हुई. उसमें भी उन्होंने (विपक्ष) तत्काल चर्चा की मांग की. इसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे थे और उन्होंने अनुरोध को तुरंत स्वीकार कर लिया.

राहुल गांधी ने किया ट्वीट

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि आप हमें जो चाहें बुला लें मोदी जी… हम भारत हैं… हम मणिपुर को ठीक करने और हर महिला और बच्चे के आंसू पोंछने में सहायता करते नजर आएंगे. हम राज्य के सभी लोगों के लिए प्यार और शांति वापस लाने का काम करेंगे. हम मणिपुर में भारत के विचार का पुनर्निर्माण करेंगे.


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रविशंकर प्रसाद का तंज

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष ये मान चुका है कि उन्हें सत्ता में नहीं आना. पीएम मोदी ने एक टिप्पणी की है कि इंडियन नेशनल कांग्रेस अंग्रेज ने बनाया था. ईस्ट इंडिया कंपनी भी अंग्रेजों ने बनाया था. आज कल लोग इंडियन मुजाहिद्दीन भी नाम रखते हैं, इंडियन पीपुल्स फ्रंट भी नाम रखते हैं.


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आंतरिक सुरक्षा का दायित्व आता है गृह मंत्री अमित शाह के अंतर्गत

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में इस प्रस्ताव को रखा कि मणिपुर संबंधित घटनाओं पर वे चर्चा चाहते हैं, जवाब देना चाहते हैं. आंतरिक सुरक्षा का दायित्व गृह मंत्री अमित शाह के अंतर्गत आता है. राष्ट्र के गृह मंत्री स्वंय बार-बार विपक्ष से दरख्वास्त कर रहे हैं कि सदन में इस मुद्दे पर चर्चा करें, ऐसा क्या है कि जो विपक्ष मणिपुर के बारे में राष्ट्र के सामने आने देना नहीं चाहता?

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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