Manipur Violence: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, फ्री ट्रैफिक मूवमेंट का विरोध, एक की मौत, 25 घायल

Manipur Violence: मणिपुर में एक बार फिर से हिंसा भड़क उठी है. फ्री ट्रैफिक मूवमेंट के विरोध के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है.

Manipur Violence: मणिपुर में आज यानी 8 मार्च से फ्री ट्रैफिक मूवमेंट शुरू हो गई है. लेकिन पहले ही दिन राज्य के कई हिस्सों में हिंसा भड़क उठी. सुरक्षा बलों के साथ झड़प में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई और 25 घायल हो गए हैं, जिसमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं.

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में भड़की हिंसा

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में कुकी समुदाय के प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई. प्रदर्शनकारियों ने फ्री ट्रैफिक मूवमेंट का जोरदार विरोध किया. विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल थीं. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करना पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने जवानों पर पत्थरबाजी की जिससे कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए.

मणिपुर के कांगपोकपी में कर्फ्यू लागू

मणिपुर के कांगपोकपी में हिंसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है. प्रदर्शनकारियों ने फ्री ट्रैफिक मूवमेंट का विरोध करते हुए सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर फेंक दिए. इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल भी हो रहा है. कुकी समुदाय के लोगों ने फ्री ट्रैफिक मूवमेंट का विरोध करते हुए कहा, उनके इलाकों से मैतेई समुदाय के लोगों को जाने नहीं दिया जाएगा.

भारी सुरक्षा के बीच फ्री ट्रैफिक मूवमेंट मणिपुर में शुरू

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश के बाद मणिपुर में 8 मार्च से फ्री ट्रैफिक मूवमेंट शुरू हो गई. गृह मंत्री ने 1 मार्च को सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद 8 मार्च से बिना रोकटोक आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. साथ ही कहा था कि अगर फ्री ट्रैफिक मूवमेंट का कोई विरोध करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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