Manipur Violence: ‘मणिपुर एक साल से शांति की प्रतीक्षा कर रहा’, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सरकार को चेताया

Manipur Violence: पिछले एक साल से हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने हिंसाग्रस्त राज्य को शांति की राह में लाने के लिए प्रयास करने की मांग की.

Manipur Violence: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, मणिपुर एक साल से शांति का इंतजार कर रहा है. यह 10 साल से शांत था. ऐसा लगता था कि पुरानी बंदूक संस्कृति खत्म हो गई है. अचानक जो कलह वहां उपज गया या उपजाया गया, उसकी आग में अभी तक जल रहा है. त्राही-त्राही कर रहा है और उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. . मणिपुर की स्थिति पर प्राथमिकता के साथ विचार करना होगा. चुनावी बयानबाजी से ऊपर उठकर राष्ट्र के सामने मौजूद समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है.

मणिपुर में क्यों भड़की हिंसा

पिछले साल मई में मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी थी. तब से अब तक करीब 200 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि बड़े पैमाने पर आगजनी के बाद हजारों लोग विस्थापित हुए हैं. इस आगजनी में मकान और सरकारी इमारतें जलकर खाक हो गई हैं. पिछले कुछ दिनों में जिरीबाम से ताजा हिंसा की सूचना आयी हैं.

लोकसभा चुनाव पर भी मोहन भागवत ने दिया बड़ा बयान

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, चुनाव लोकतंत्र की एक अनिवार्य प्रक्रिया है. इसमें दो पक्ष होने के कारण प्रतिस्पर्धा होती है. चूंकि यह एक प्रतिस्पर्धा है, इसलिए खुद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाता है. लेकिन इसमें एक गरिमा होती है. झूठ का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. संसद में जाने और देश चलाने के लिए लोगों को चुना जा रहा है. वे सहमति बनाकर ऐसा करेंगे. हमारे यहां सहमति से चलने की परंपरा रही है. यह प्रतिस्पर्धा कोई युद्ध नहीं है. एक-दूसरे की जिस तरह की आलोचना की गई, इससे समाज में मतभेद पैदा होगा और विभाजन होगा.

लोकसभा चुनाव आरएसएस जैसे संगठनों को बेवजह घसीटा गया

मोहन भागवत ने कहा, लोकसभा चुनाव में आरएसएस जैसे संगठनों को भी इसमें बेवजह घसीटा गया. तकनीक की मदद से झूठ को पेश किया गया. झूठ को प्रचारित करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया. ऐसा देश कैसे चलेगा? इसे विपक्ष कहते हैं. इसे विरोधी नहीं माना जाना चाहिए. वे विपक्ष हैं, एक पक्ष को उजागर कर रहे हैं. उनकी राय भी सामने आनी चाहिए. चुनाव लड़ने की एक गरिमा होती है. उस गरिमा का ख्याल नहीं रखा गया. वही सरकार फिर से सत्ता में आ गई है – एनडीए. यह सही है कि पिछले 10 सालों में बहुत सारी सकारात्मक चीजें हुई हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अब हम चुनौतियों से मुक्त हो गए हैं.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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