'बेटी की शादी तय करने चले थे, खुद का गठबंधन कर आए', बागी नेताओं पर उद्धव का हमला

Maharashtra: शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी में हुई बगावत को लेकर एक बार फिर विरोधियों पर तीखा हमला बोला है. ठाकरे ने बगावत के ठीक पहले का एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला वाकया साझा किया.

Maharashtra: उद्धव ठाकरे ने संजय देशमुख (बागी नेता) पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, पार्टी टूटने से ठीक दो हफ्ते पहले, मैंने सांसदों की एक बैठक बुलाई थी. तब उन्होंने (संजय देशमुख) मुझसे कहा कि उन्हें अपनी बेटी का रिश्ता तय करना है, इसलिए वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल होंगे. मुझे क्या पता था कि वह अपनी बेटी का गठबंधन तय कर रहे हैं या खुद का ही ‘पार्टी गठबंधन’ पक्का कर रहे हैं.

रात को फोन कर पूछा- रिश्ता पक्का हुआ क्या?

उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, मैंने उस रात उन्हें फोन भी किया और पूछा कि क्या काम हो गया? उन्होंने जवाब दिया- हां, हो गया. इसके ठीक दो दिन बाद हमें असलियत पता चली कि वहां कौन सा ‘गठबंधन’ फिक्स हुआ था. ठाकरे ने जनता से अपील करते हुए कहा कि ऐसे गद्दारों को जहां भी देखो, उनसे सवाल पूछो. उनसे पूछो कि जब पार्टी ने तुम्हें चुनकर भेजा, तो तुमने गद्दारी क्यों की? अगर मुझे पैसे का लालच होता, तो मैं भी समझौता कर लेता, लेकिन मैं भगवे ध्वज और अपनी वफादारी के साथ खड़ा रहा.

‘अबकी बार 400 पार’ के बदले दिया था ‘अबकी बार तड़ीपार’ का नारा

बीजेपी और विपक्षी गठबंधन पर हमला तेज करते हुए ठाकरे ने कहा कि बिना चुनाव के भी नेताओं को तोड़ने (पोचिंग) का खेल चल रहा है. यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत हो रहा है. उन्होंने लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा, उनका नारा था अबकी बार 400 पार’, लेकिन मैंने कहा था अबकी बार तड़ीपार. ये लोग देश का संविधान बदलना चाहते हैं. एक बार संविधान बदल गया, तो ये अपनी मनमर्जी करेंगे और तानाशाही लाएंगे.

महाराष्ट्र जागेगा या सोता रहेगा?

ठाकरे ने हुंकार भरते हुए कहा कि हम देश में गुलामी और तानाशाही के राज को रोकने के लिए मैदान में उतरे हैं. बाकी राज्य जब जागेंगे तब जागेंगे, लेकिन मेरा सवाल आपसे है – क्या महाराष्ट्र जागेगा या नहीं? यह लड़ाई आसान नहीं है. उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि अगला सांसद वही होना चाहिए जो भगवे ध्वज का सच्चा और कट्टर समर्थक हो. असली शिवसेना सिर्फ एक ही है और उसका भगवा झंडा भी एक ही है.

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Published by: ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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