Shiv Sena News: उद्धव ठाकरे की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, EC के फैसले को दी गयी चुनौती

उद्धव ठाकरे गुट द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने में गलती की कि दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य ठहराने और ‘चिह्न संबंधी’ कार्यवाही अलग-अलग मामले हैं और विधायकों की अयोग्यता राजनीतिक दल की सदस्यता समाप्त करने पर आधारित नहीं है.

एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना मानने और उसे चुनाव चिह्न धनुष एवं तीर आवंटित करने के निर्वाचन आयोग के फैसले को उद्धव ठाकरे गुट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग के फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई है. मालूम को उद्धव ठाकरे गुट ने सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था और मंगलवार को फिर से याचिका दायर करने के लिए कहा था. जिसके बाद उद्धव गुट ने आज फ्रेश याचिका दायर की.

याचिका में उद्धव ठाकरे गुट ने कई मुद्दे उठाये

उद्धव ठाकरे गुट द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने में गलती की कि दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य ठहराने और ‘चिह्न संबंधी’ कार्यवाही अलग-अलग मामले हैं और विधायकों की अयोग्यता राजनीतिक दल की सदस्यता समाप्त करने पर आधारित नहीं है. याचिका में यह भी कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने में गलती की है कि शिवसेना में विभाजन हुआ था. याचिका में कहा गया है, राजनीतिक दल में विभाजन हुआ, इसको लेकर कोई दलील और सबूत नहीं होने के चलते, आयोग का निष्कर्ष पूरी तरह से गलत है. याचिका में कहा गया है कि ठाकरे गुट के पास प्रतिनिधि सभा में भारी बहुमत है, जो प्राथमिक सदस्यों और पार्टी के अन्य हितधारकों की इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली शीर्ष संस्था है.

उद्धव की शिवसेना भवन में आपात बैठक, चुनाव आयोग को भंग करने की मांग

मौजूदा हालात को लेकर उद्धव ठाकरे बैठक ने शिवसेना भवन में अपने खेमे के नेताओं के साथ बैठक की. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत, सुभाष देसाई, अनिल देसाई और अनिल परब ने उद्धव ठाकरे के साथ बैठक में भाग लिया. उद्धव ठाकरे ने बैठक में कहा कि चुनाव आयोग को भंग कर दिया जाना चाहिए. ‘इतनी जल्दबाजी में फैसला देने की क्या जरूरत थी. हमारा निर्वाचन आयोग से विश्वास उठ गया है. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयुक्त निर्वाचित किए जाने चाहिए, न कि उनकी नियुक्ति की जानी चाहिए. ठाकरे ने कहा, चुनाव आयुक्तों के लिए एक उचित प्रक्रिया होनी चाहिए. जब सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति की बात आती है, तो इसी तरह की प्रक्रिया चलन में है.

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सुप्रीम कोर्ट उम्मीद की आखिरी किरण : संजय राउत

चुनाव आयोग के फैसले पर उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने कहा, अब सुप्रीम कोर्ट उम्मीद की आखिरी किरण है. इस देश में सभी संस्थानों ने काम करना बंद कर दिया है. लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है, इसलिए अब एकमात्र उम्मीद सुप्रीम कोर्ट है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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