Jharkhand Politics News, रांची (सतीश सिंह की रिपोर्ट): मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संभावित तेल आपूर्ति संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का संयमित इस्तेमाल करने की अपील की गई है. पीएम की इस मुहिम का असर अब झारखंड भाजपा के भीतर भी साफ तौर पर दिखने लगा है. एक तरफ जहां प्रधानमंत्री की इस अपील का सम्मान करते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत कई बड़े दिग्गजों ने अपने काफिले छोटे कर दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ शनिवार से शुरू हुए प्रदेश भाजपा के जिला स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण अभियान को लेकर पार्टी के अंदरखाने से ही सवाल खड़े होने लगे हैं.
30 जिलों में 360 वक्ताओं का दौरा: ईंधन की भारी खपत पर आपत्ति
पार्टी के ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान’ के तहत राज्य के 30 संगठनात्मक जिलों में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविरों का खाका तैयार किया गया है. इस महाअभियान की रणनीति के मुताबिक, प्रत्येक जिले में लगभग 12 नेताओं को मुख्य वक्ता के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस गणित के हिसाब से पूरे राज्य में लगभग 360 मुख्य वक्ता अलग-अलग जिलों के दौरों पर रहेंगे. पार्टी सूत्रों के हवाले से खबर है कि दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भर के नेताओं के इतने बड़े पैमाने पर आवागमन से पेट्रोल और डीजल की भारी बर्बादी होने की संभावना है. प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की अपील को देखते हुए पार्टी के अंदर ही इस भौतिक आवागमन की व्यवस्था का विरोध शुरू हो गया है. जिलों में मुख्य वक्ता के रूप में सूचीबद्ध एक वरिष्ठ नेता ने तो साफ तौर पर जिलों का दौरा करने से इनकार करते हुए ऑनलाइन माध्यम से जुड़ने की मांग तक रख दी है.
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नेताओं की मांग: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो वर्ग, तो बचेगा लाखों का ईंधन
नाराज और असहमत नेताओं का तर्क है कि इस प्रशिक्षण शिविर के तहत कुल 11 महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्य वक्ताओं का संबोधन होना तय है, जिसमें प्रत्येक वर्ग प्रमुख (वक्ता) को हिस्सा लेना है. प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं ने अब नेतृत्व को यह सुझाव दिया है कि जब प्रधानमंत्री खुद देश से ईंधन और ऊर्जा बचाने का आग्रह कर रहे हैं, तो इन सांगठनिक बैठकों में मुख्य वक्ताओं का वक्तव्य ऑनलाइन (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के माध्यम से आयोजित करा दिया जाए. इससे न केवल नेताओं को शारीरिक भाग-दौड़ से बड़ी सुविधा होगी, बल्कि पार्टी स्तर पर बड़े पैमाने पर ईंधन और आर्थिक बचत भी की जा सकेगी. गौरतलब है कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार इन सभी जिला स्तरीय बैठकों का आयोजन आगामी 31 मई तक हर हाल में पूरा किया जाना है.
जमशेदपुर में शुरू हुआ शिविर, कर्मवीर और आदित्य साहू जुटे
इन अंतर्विरोधों के बीच, जमशेदपुर में 16 मई से दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का बकायदा शंखनाद हो गया है. इसका उद्घाटन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य कुमार साहू ने किया. इस महाअभियान का हिस्सा बनने के लिए केंद्रीय प्रशिक्षण टोली के सदस्य राजकुमार फुलवरिया विशेष रूप से झारखंड पहुंचे हैं. उनके साथ प्रदेश महामंत्री कर्मवीर समेत पार्टी के कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी इस शिविर में शामिल हो रहे हैं. तय रणनीति के अनुसार, शिविर में भाग लेने वाले सभी नेताओं को वहीं पर रात्रि विश्राम भी करना है. प्रदेश नेतृत्व का दावा है कि इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से सशक्त बनाना, आधुनिक राजनीतिक कार्यशैली सिखाना और संगठनात्मक दायित्वों के प्रति कुशल बनाना है, ताकि आगामी राजनीतिक चुनौतियों का मजबूती से सामना किया जा सके.
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