भाजपा (bjp) के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे (union minister raosaheb danve ) के दावे पर शिवसेना ने करारा प्रहार किया है. दानवे ने दावा किया कि भाजपा महाराष्ट्र में अगले दो से तीन महीनों में सरकार बना लेगी और इसके लिए उसने तैयारियां कर ली हैं जिसपर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि जो तीन दिन की सरकार बनी थी उसकी आज पुण्यतिथि है….
पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि हमारी सरकार 4 साल और पूरा करेगी. विपक्षी नेता निराशा में ऐसी बात कह रहे क्योंकि उनके सभी प्रयास फेल हो गए हैं. दानवे के बयान पर आगे संजय राउत ने कहा कि सूबे में तीन पार्टियों की सरकार है. शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस की…ये सरकार पूरे देश के राज्यों की सरकार से सबसे मजबूत सरकार है. जनता ने इसे चुना है और हमारी सरकार को जनता कर पूरा समर्थन प्राप्त है.
क्या कहा दानवे ने : भाजपा के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा कि भाजपा महाराष्ट्र में अगले दो से तीन महीनों में सरकार बना लेगी और इसके लिए उसने तैयारियां कर ली हैं. उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री ने औरंगाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अगले महीने होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए परभणी में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक की. इस दौरान उन्होंने दावा करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को यह नहीं सोचना चाहिए कि हमारी सरकार महाराष्ट्र में नहीं आएगी. हम अगले दो-तीन महीनों में यहां सरकार बनाएंगे. हमने इस पर काम किया है. हम (विधान परिषद चुनावों) के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं.
80 घंटे की सरकार : यहां आपको बता दें कि ठीक एक साल पहले भाजपा नेता देवेन्द्र फडणवीस ने एनसीपी नेता अजित पवार के समर्थन से राज्य में सरकार बनाई थी जो कुछ समय ही रही थी. इस घटना के ठीक एक साल बाद दानवे का यह बयान आया है. पिछले साल 23 नवंबर को मुंबई में राजभवन में फडणवीस और पवार ने क्रमश: मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. हालांकि यह सरकार केवल 80 घंटे ही चल सकी थी.
महाराष्ट्र विधानसभा में 288 सीटें : आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में 288 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए बहुमत का जरूरी आंकड़ा 145 का है. पिछले विधानसभा चुनाव के नतीजों की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी या भाजपा को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं. यदि आपको याद हो तो भाजपा और शिवसेना चुनाव से पहले साथ थीं और ऐसे में दोनों के पास बहुमत का आंकड़ा था. लेकिन, गठबंधन टूट गया और भाजपा को सरकार बनाने के लिए 40 सीटों की जरूरत हो गई.
Posted By : Amitabh Kumar
