Madhya Pradesh: फर्जी डॉक्टर का 'खूनी खेल', कार्डियोलॉजिस्ट बन 7 मरीजों की ले ली जान, मची खलबली

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. एक फर्जी डॉक्टर ने इलाज कर 7 मरीजों की जान ले ली है. मामले की जांच की जा रही है. बताया जा रहा है कि खुद को कार्डियोलॉजिस्ट बताकर उसने मरीजों की सर्जरी कर दी, जिससे सभी की मौत हो गई. फर्जी डॉक्टर कुछ और मरीजों की जान लेता, लेकिन उससे पहले उसके फर्जी डॉक्टर होने की पोल खुल गई और मरीजों की जान जाने से बच गई.

Madhya Pradesh: फर्जी डॉक्टर के ऑपरेशन से 7 लोगों की मौत का मामला मध्य प्रदेश के दमोह का है. जिसमें आरोप है कि नकली डॉक्टर ने निजी मिशनरी अस्पताल में मरीजों के दिन का ऑपरेशन किया था, जिससे 7 की मौत हो गई. अब जिला अधिकारी उस फर्जी डॉक्टर के खिलाफ आरोप की जांच में जुट गए हैं.

एक महीने में 7 लोगों की मौत से खलबली

अस्पताल में एक महीने के भीतर 7 मौतों की खबर से क्षेत्र में खलबली मच गई. आरोप है कि एन जॉन केम नाम के एक व्यक्ति ने ईसाई मिशनरी अस्पताल में नौकरी ली. उसने खुद को एक फेमस ब्रिटिश डॉक्टर बताया और उसका ढोंग किया. उसने खुद को हृदय रोग विशेषज्ञ होने का दावा किया. इसके बाद उसने मरीजों के दिल का ऑपरेशन किया. अधिकारियों ने बताया, फर्जी डॉक्टर ने जिन मरीजों की सर्जरी की उनकी बाद में मौत हो गई. जांच में आरोपी फर्जी डॉक्टर का असली नाम नरेंद्र विक्रमादित्य यादव निकला.

ऐसे बच गई अन्य मरीजों की जान

एक वकील और बाल कल्याण समिति के जिला अध्यक्ष दीपक तिवारी ने एएनआई को बताया, “कुछ मरीज मेरे पास आए और हमें घटना के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया- वे अपने पिता को अस्पताल ले गए थे और फर्जी डॉक्टर ऑपरेशन करने के लिए तैयार था, लेकिन वे थोड़ा आशंकित थे, इसलिए वे अपने पिता को जबलपुर ले गए. तब हमें पता चला कि अस्पताल में एक नकली डॉक्टर काम कर रहा है. असली आदमी ब्रिटेन में है, और इस आदमी का नाम नरेंद्र यादव है. हैदराबाद में उसके खिलाफ एक मामला दर्ज है, और उसने कभी अपने असली दस्तावेज नहीं दिखाए.”

आयुष्मान भारत योजना से जुड़ा है अस्पताल

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में बताया, “जिस मिशनरी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर ने मरीजों की सर्जरी की थी और बाद उनकी मौत हो गई, आयुष्मान भारत योजना से भी जुड़ा है और सरकार से पैसे भी ले रहा था. यह एक गंभीर शिकायत है. हमने मामले का संज्ञान लिया है और फिलहाल जांच चल रही है.”

फर्जी डॉक्टर के खिलाफ जारी है जांच

दमोह के एसपी अभिषेक तिवारी ने एएनआई को बताया, “हम फिलहाल मिशनरी अस्पताल में कई मौतों के मामले की जांच कर रहे हैं. फर्जी डॉक्टर पर पहले भी ब्रिटिश डॉक्टर एन जॉन केम बनकर रहने का आरोप है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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