LPG: उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी की बढ़ रही है खपत

केंद्र सरकार ने 60 लाख और परिवार को मुफ्त गैस कनेक्शन देने का फैसला किया और यह लक्ष्य दिसंबर 2022 में पूरा हो गया. इसके बाद सरकार की ओर से 75 लाख और परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन देने का फैसला लिया और यह लक्ष्य जुलाई 2024 में पूरा हो गया.

LPG: देश के गरीबों को धुएं से मुक्त कराने के लिए केंद्र सरकार ने हर गरीब परिवार को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर मुहैया कराने का काम किया. वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की गयी और इस योजना के तहत महिलाओं और गरीब परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन देने का फैसला लिया गया. सरकार को वर्ष 2019 तक 8 करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन देने के लक्ष्य को पूरा करने में सफलता मिली. अन्य गरीब परिवारों को भी मुफ्त गैस कनेक्शन मुहैया कराने के लिए अगस्त 2021 में उज्ज्वला 2.0 योजना शुरू की गयी और इसके तहत एक करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया, जिसे जनवरी 2022 में हासिल कर लिया गया. बाद में केंद्र सरकार ने 60 लाख और परिवार को मुफ्त गैस कनेक्शन देने का फैसला किया और यह लक्ष्य दिसंबर 2022 में पूरा हो गया.

इसके बाद सरकार की ओर से 75 लाख और परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन देने का फैसला लिया और यह लक्ष्य जुलाई 2024 में पूरा हो गया. मौजूदा समय में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत देश में 10.33 करोड़ गरीब परिवार के पास मुफ्त में गैस कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध है. 

गरीब परिवार के जीवन पर पड़ा है सकारात्मक असर

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी खपत की निगरानी पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल समय-समय पर करता है. इसके लिए तेल निर्माता कंपनियों के साथ बैठक आयोजित की जाती है. ऐसा देखा गया है कि एलपीजी की खपत परिवार के खानपान के तरीके, परिवार का आकार, परंपरा, खाने के तरीके और अन्य चीजों पर निर्भर करता है. आम लोगों में एलपीजी के फायदे को लेकर तेल निर्माता कंपनियों की ओर से पंचायत स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. जिसमें एलपीजी से जुड़े मुद्दों पर आम लोगों की शिकायतों को दूर करने का काम होता है.

यही नहीं सरकार की ओर से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के बीच एलपीजी खपत बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे है. इसके तहत लाभार्थी को छोटे सिलेंडर लेने की छूट, सिब्सिडी मुहैया कराने का काम किया जा रहा है. सरकार के प्रयास का नतीजा है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थी के बीच सालाना सिलेंडर की खतर वर्ष 2021-22 में 3.68 सिलेंडर से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 4.47 हो गयी. साथ ही सिलेंडर का उपयोग नहीं करने वाले लोगों की संख्या में भी व्यापक कमी आयी है और यह संख्या सिर्फ 1.3 फीसदी रह गयी है. राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में यह जानकारी दी गयी. 

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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