देश में कम होगी रसोई गैस की किल्लत, LPG लेकर कांडला पहुंच रहा जग विक्रम

LPG Tanker Jag Vikram: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बहुत कम हो रही है. लेकिन भारत के कुछ जहाजों को रास्ता मिल रहा है. इसी कड़ी में होर्मुज पार कर एक और भारतीय जहाज जग विक्रम कल भारत पहुंच सकता है. इसमें करीब 20 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लदा है.

LPG Tanker Jag Vikram: होर्मुज पर अमेरिका और ईरान की तनातनी के बीच भारत के लिए गुड न्यूज है. भारतीय ध्वज वाला एलपीजी पोत जग विक्रम होर्मुज पार कर भारत की ओर बढ़ रहा है. यह कल यानी मंगलवार (14 अप्रैल) तक गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच सकता है. बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा- एलपीजी पोत जग विक्रम 11 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया था. इस पोत में करीब 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लदा है. इस जहाज में 24 नाविक सवार हैं.

होर्मुज पार करने वाला भारत का 9वां जहाज है जग विक्रम

ईरान और अमेरिका की जंग (जो 28 फरवरी से शुरु हुई थी) के बाद से भारत के 9 जहाज होर्मुज को पार कर चुके हैं. हालांकि अभी भी कम से कम 15 भारतीय झंडे वाले जहाज होर्मुज के पश्चिम में फंसे हुए हैं. फंसे हुए जहाजों में एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) ले जाने वाले जहाज, कच्चे तेल के टैंकर, कंटेनर जहाज, एक ड्रेजर और एक केमिकल टैंकर शामिल हैं. मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू होने के समय होर्मुज में कम से कम 28 भारतीय जहाज मौजूद थे, जिनमें 24 पश्चिमी हिस्से में और चार पूर्वी हिस्से में थे.

28 फरवरी के बाद कितने जहाज होर्मुज पार कर भारत पहुंचे?

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच मार्च और अप्रैल 2026 में 8 से 10 भारतीय झंडे वाले टैंकर भारत पहुंचे. इनमें एमटी शिवालिक, नंदा देवी, जग लाडकी, जग बसंत, पाइन गैस, BW टायर, BW इल्म, ग्रीन सान्वी, ग्रीन आशा शामिल हैं. जल्द ही इस लिस्ट में जग विक्रम भी शामिल हो जाएगा. उम्मीद है कि मंगलवार को वो भी भारत पहुंच सकता है.

होर्मुज पार करना क्यों बन गया है चुनौती

दुनिया के नक्शे में होर्मुज जलडमरूमध्य एक बेहद संकरा रास्ता है, लेकिन रणनीतिक तौर पर बेहद अहम समुद्री मार्ग है. वैश्विक कच्चे तेल की कुल सप्लाई का करीब 20 फीसदी हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है. ईरान और ओमान के बीच स्थित यह जलमार्ग किसी भी युद्ध या तनाव की स्थिति में सबसे पहले प्रभावित होता है. अभी भी ऐसा ही हुआ है. अमेरिका और इजराइल के साथ जंग को दौरान ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया है. इसका असर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ा, जिससे हड़कंप मच गया और तेल-गैस की कीमतें तेजी से बढ़ने लगीं.

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बड़े पैमाने पर तेल और गैस का आयात करता है भारत

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बहुत बड़ा हिस्सा खरीदता है. भारत करीब 88 प्रतिशत कच्चा तेल, खपत का करीब आधा प्राकृतिक गैस और करीब 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है. इनमें से अधिकांश सप्लाई खाड़ी देशों से होती है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है और अपने करियर की शुरुआत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से की है. टीवी पत्रकारिता में काम करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया और पिछले सात वर्षों से प्रभात खबर डॉट कॉम से जुड़े हुए हैं.

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