Lok Sabha : बंगाली पसंद नहीं है, तो आप बंगाल को पैसे नहीं देंगे? बोले टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी

Lok Sabha Winter Session: मनरेगा फंड पर लोकसभा में सांसद कल्याण बनर्जी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला किया. इसका जवाब कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया.

Lok Sabha Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन की कार्यवाही के दौरान मनरेगा फंड पर लोकसभा में टीएमसी ने सवाल उठाए. चर्चा के दौरान सांसद कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के लिए मनरेगा फंड को फ्रीज करने पर सरकार से सवाल किया. उन्होंने कहा, ”अगर आपको बंगाली पसंद नहीं है, तो आप बंगाल को पैसे नहीं देंगे?”

Read Also : Parliament Winter Session: संभल में गोलियां चली, राज्यसभा में बोले राम गोपाल यादव

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जवाब देते हुए कहा कि मोदी सरकार इस फंड का दुरुपयोग नहीं होने देगी. 9 मार्च, 2022 को केंद्र सरकार ने कार्यान्वयन में अनियमितताओं का हवाला दिया था. सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) के लिए फंड के हस्तांतरण को फ्रीज करने का आदेश जारी किया था.

लोकसभा में कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने मनरेगा पर चर्चा के दौरान सवाल उठाया कि बड़ी संख्या में श्रमिकों के नाम लाभार्थी सूची से क्यों हटा दिए गए हैं? इसपर ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि आधार लिंकेज से केवल पारदर्शिता आई है. श्रमिकों के नाम हटाना राज्य की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, ”इसमें केंद्र की कोई भूमिका नहीं है.” श्री वेणुगोपाल ने इसपर कहा कि मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं.

कलकत्ता हाई कोर्ट ने मनरेगा फंड पर क्या कहा ?

23 सितंबर, 2024 को कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा कि अनियमितताओं की जांच होने तक योजना का संचालन जारी रहना चाहिए. डेटा से पता चलता है कि फंड फ्रीज होने से सभी हितधारकों पर गंभीर असर पड़ा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >