'देश बेचने' के आरोप पर भड़की बीजेपी, रिजिजू ने राहुल गांधी से मांगा सबूत

Lok Sabha Budget Session: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी भड़क गई है. बीजेपी ने राहुल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी बिना किसी तर्क, सबूत और पूर्व सूचना के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगा रहे हैं. सदन में राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि इस डील के जरिए पीएम मोदी ने 'भारत को बेच' दिया है.

Lok Sabha Budget Session: लोकसभा में बुधवार (11 फरवरी) को बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक बयान पर सियासी पारा चढ़ गया. सदन में फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच भिड़ंत हो गई. राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि इस डील के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘भारत को बेच’ दिया है. इस बयान पर सदन में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और राहुल गांधी के बीच तीखी बहस हुई. बीजेपी ने भी कड़ा ऐतराज जताया है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने हजारों एकड़ में फैले यांत्रिक अमेरिकी खेतों के लिए भारत का दरवाजा खोल दिया है, जिससे हमारे छोटे किसानों को पूरी तरह कुचल दिया गया है. यह बेहद शर्मनाक है.

राहुल गांधी बिना किसी सबूत के पीएम मोदी पर लगा रहे हैं आरोप- रिजिजू

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान पर कहा “बजट पर भाषण देते हुए राहुल गांधी बिना किसी तर्क, बिना किसी सबूत और बिना किसी पूर्व सूचना के आरोप लगा रहे हैं. उनके पूरे भाषण में जो भी गलत बातें कही गई हैं, सब कुछ हटा दिया जाएगा, और उन्होंने जो भी असंसदीय शब्द इस्तेमाल किए हैं, उन्हें भी हटा दिया जाना चाहिए, खासकर उन्होंने जो भी झूठ बोला है, गलत बातें कही हैं, आरोप लगाए हैं, उन सभी को हटा दिया जाना चाहिए. मैंने उन्हें याद दिलाया कि कोई इस देश को बेच नहीं सकता, कोई इसे खरीद नहीं सकता. तब राहुल गांधी ने कहा कि किसी ने भारत को बेचा है और किसी ने भारत को खरीदा है. कोई भारत को खरीदने या बेचने के बारे में सोच भी नहीं सकता.”

जहरीले झूठ फैलाकर विदेश चले जाते हैं राहुल गांधी- सुधांशु त्रिवेदी

राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी जहरीले झूठ फैलाकर विदेश चले जाते हैं. संसदीय कार्यवाही के दौरान उनका व्यवहार सुस्त रहा है. सदन में कांग्रेस पार्टी का व्यवहार सड़क किनारे होने वाले व्यवहार से बेहतर नहीं था. त्रिवेदी ने कहा “ऐसा आचरण संसदीय परिवेश के लिए अशोभनीय है. हमने देखा कि कैसे महिलाओं को ढाल बनाकर लोग सत्ता पक्ष की ओर बैनर लेकर बढ़े, यह शाहीन बाग की याद दिलाता है.”

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Published by: Pritish Sahay

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