Ladaki Bahin Yojana : खाते में नहीं आएंगे 1500 रुपये, अगर आपने 3 दिन के अंदर नहीं करवाया ये काम

Ladaki Bahin Yojana : महाराष्ट्र की माझी लाडकी बहिन योजना से जुड़ी महिलाओं के पास e-KYC कराने के लिए कितने दिन बचे हैं? यदि ये सवाल आपके दिमाग में भी है तो आइए आपको इस सवाल का जवाब बताते हैं.

Ladaki Bahin Yojana : महाराष्ट्र की 1 करोड़ से ज्यादा लाडकी बहनों के लिए e-KYC करवाने की आखिरी तारीख अब बहुत करीब आ चुकी है. अगर आप ‘माझी लाडकी बहीण योजना’ की लाभार्थी हैं और अभी तक e-KYC नहीं कराया है, तो अखिरी तारीख के बारे में जान लें. जी हां…समय सीमा निकलने पर आपकी अगली 1500 रुपये की मासिक किस्त रुक सकती है और आप योजना का लाभ नहीं पा सकेंगी.

राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री और श्रीवर्धन की विधायक अदिती तटकरे ने एक्स (X) पर e-KYC करवाने की अंतिम तारीख के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा– ‘माझी लाडकी बहीण’ योजना की सभी लाभार्थी बहनों को हर महीने मिलने वाली 1500 रुपये की किस्त जारी रखने के लिए अपनी e-KYC जरूर पूरी करनी होगी. यह प्रक्रिया 18 नवंबर 2025 तक या उससे पहले करना अनिवार्य है, नहीं तो किस्तें रुक सकती हैं.

मंत्री तटकरे ने क्या कहा माझी लाडकी बहीण योजना को लेकर

मंत्री तटकरे ने बताया कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना की अक्टूबर महीने की 1500 रुपये वाली किस्त पात्र महिलाओं के खातों में भेजी जा रही है. सरकार ने लक्ष्य रखा था कि 7 नवंबर तक सभी आधार-लिंक्ड खातों में राशि पहुंच जाए. जिन महिलाओं के खाते में अभी तक 16वीं किस्त नहीं आई है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे तुरंत e-KYC पूरी कर लें. ऐसा इसलिए ताकि अगली और लंबित दोनों किस्तें बिना देरी के  उनके खाते में ट्रांसफर की जा सके.

मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना क्यों की गई  शुरू

महाराष्ट्र सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना शुरू की जो महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है. यह योजना 28 जून 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में मंजूर हुई. इसके तहत 21 से 65 वर्ष की पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाते हैं. इस मदद का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना. है. अब तक इस योजना की 16 किस्तें जारी की जा चुकी हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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