मृतकों की पहचान जांजगीर-चावल/बलोदा बाजार इलाके के बुंदेली गांव के रहने वाले दीपक रात्रे (24) और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुइया गांव निवासी भूपेंद्र भैना (28) के रूप में हुई है. दोनों युवा अपनी गरीबी और तंगहाली से बाहर निकलने का सपना लेकर कुछ महीने पहले दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम क्षेत्र में एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने पहुंचे थे.
दीपक रात्रे के चाचा हलधर रात्रे ने किया खुलासा
दीपक रात्रे के चाचा हलधर रात्रे ने इस खौफनाक वारदात के बारे में बात करते हुए खुलासा किया. उन्होंने बताया, "दीपक वहां छह महीने से ज्यादा समय से काम कर रहा था. 31 जुलाई की रात, आधी रात के आसपास हमें पुलिस से सूचना मिली कि दीपक आतंकी हमले में घायल हो गया है, जिसकी पुष्टि बाद में हुई. आतंकियों ने उन्हें गोली मारने से पहले उनकी जाति और समुदाय के बारे में पूछा था."
परिजनों ने कड़े कार्रवाई की मांग की
परिजन इस कायराना हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं और सरकार से सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि ऐसी अमानवीय घटनाएं दोबारा न दोहराई जा सकें.
बिखर गया परिवारों का संसार
आतंकवादियों की इस क्रूरता ने दोनों परिवारों का सब कुछ छीन लिया है.
- दीपक रात्रे अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सहारा था. उसके सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था. दीपक अपने पीछे अपनी पत्नी, चार महीने का मासूम बेटा और एक दिव्यांग भाई को रोता-बिलखता छोड़ गया है.
- भूपेंद्र भैना भी तीन-चार महीने पहले अपनी पत्नी के साथ कश्मीर गया था. उसके माता-पिता और छोटा भाई रोजी-रोटी के लिए हिमाचल प्रदेश में ईंट-भट्टे पर काम करते हैं, जबकि उनका चार साल का बेटा घर पर बुजुर्ग दादी और नाबालिग बहन के पास है. प्रशासनिक अधिकारियों ने हालात की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल घर की बुजुर्ग महिलाओं को इस खौफनाक सच से दूर रखा है.
प्रशासन और सरकार सख्त, शव लाने के प्रयास जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है. कुलगाम पुलिस और छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर दोनों मजदूरों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांवों (बुंदेली और छुइया) तक सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आतंकवादी हमले की निंदा की
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले की निंदा की है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मजदूरों की इस प्रकार की हत्या बेहद दुखद है. राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और शोकाकुल परिवारों को हरसंभव प्रशासनिक और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
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