Video: कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन है खास, माइनस डिग्री तापमान में भी नहीं थमेगी रफ्तार

Katra Srinagar Vande Bharat: भारतीय रेलवे ने कटरा से श्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत ट्रेन को खास तरीके से डिजाइन किया है. जो माइनस डिग्री तापमान पर भी दौड़ती रहेगी. बुधवार को कटरा से बनिहाल तेज रफ्तार ट्रेन का टेस्ट भी किया गया.

Katra Srinagar Vande Bharat: जम्मू-कश्मीर में कटरा से बनिहाल तक तेज रफ्तार ट्रेन का बुधवार को सफल परीक्षण किया गया. इसके साथ भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया. बहुत जल्द कश्मीर और देश के बाकी हिस्सों के बीच सीधी रेल सेवा शुरू हो जाएगी. मंगलवार को कटरा से श्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का अनावरण भी किया गया. इस ट्रेन को विशेष रूप से डिजाइन की गई है. जो सर्दियों में भी निर्बाध रूप से दौड़ती रहेगी. माइनस डिग्री तापमान भी ट्रेन की रफ्तार नहीं रुकेगी. रेलवे के अनुसार, नई दिल्ली के शकूरबस्ती कोचिंग डिपो पर खड़ी इस ट्रेन में जलवायु संबंधी विशेष विशेषताएं हैं.

Katra Srinagar Vande Bharat: देश में चल रही 136 वंदे भारत एक्सप्रेस से अलग है कटरा-श्रीनगर ट्रेन

देशभर में इस समय कुल 136 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चल रही हैं. लेकिन कटरा से श्रीनगर के बीच जो वंदे भारत ट्रेन दौड़ेगी, वो पूरी तरह से खास होगी. उसे विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, तो सर्दियों में भी पूरी रफ्तार से दौड़ती रहेगी. रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना एवं प्रचार) दिलीप कुमार ने बताया- “इसमें उन्नत हीटिंग सिस्टम है जो पानी की टंकी और बायो-टॉयलेट टैंक को जमने से रोकता है. वैक्यूम सिस्टम के साथ-साथ लेबोरेटरी के लिए गर्म हवा प्रदान करता है. ताकी माइनस डिग्री तापमान में भी एयर-ब्रेक सिस्टम बेहतर ढंग से कार्य कर सके.” लोको पायलट के लिए खास विंडशील्ड लगाया गया है. जिसमें हीटिंग तत्व लगाए गए हैं. चालक के सामने का लुकआउट ग्लास स्वचालित रूप से डीफ्रॉस्ट हो जाता है. जिससे भीषण सर्दियों की स्थिति में भी चालक को स्पष्ट दृश्यता सुनिश्चित करता है.

कटरा-श्रीनगर वंदे भारत में और क्या होगा खास?

कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में अन्य वंदे भारत की तरह सुविधाएं होंगी. जैसे पूरी तरह से वातानुकूलित कोच, स्वचालित प्लग दरवाजे, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट आदि.

यह भी पढ़ें: 180 की रफ्तार, फिर भी पानी की बूंद न छलकी, वंदे भारत स्लीपर का वीडियो देखकर आप कहेंगे क्या बात है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >