Karnataka Result: कर्नाटक में PFI समर्थित पार्टी SDPI का प्रदर्शन सबसे खराब, 16 सीटों पर खाता भी नहीं खुला

हिजाब को लेकर हुए विवाद और केंद्र सरकार द्वारा इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर पांच साल का प्रतिबंध लगाए जाने के बाद राज्य में यह पहला विधानसभा चुनाव था.

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में केवल 9 मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की और ये सभी कांग्रेस से हैं. सबसे खराब हश्र पीएफआई के राजनीतिक संगठन एसडीपीआई का हुआ. उसके 16 उम्मीदवारों में से कोई भी खाता नहीं खोल सका.

हिजाब विवाद और पीएफआई पर बैन के बाद पहला चुनाव

गौरतलब है कि हिजाब को लेकर हुए विवाद और केंद्र सरकार द्वारा इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर पांच साल का प्रतिबंध लगाए जाने के बाद राज्य में यह पहला विधानसभा चुनाव था.

SDPI को 16 सीटों पर इस तरह से मिले वोट

16 सीटों में से, SDPI को मुदिगेरे (0.38%), रायचूर (0.44%), मदिकेरी (0.81%), दावणगेरे दक्षिण (0.9%), और हुबली-धारवाड़ पूर्व (0.91%) के पांच निर्वाचन क्षेत्रों में 1% से कम वोट मिले। %)। कापू (1.07%), चित्रदुर्ग (1.25%), बेलथांगडी (1.33%), सर्वगणनगर (1.54%), पुत्तूर (1.61%), और तेरदल (1.96%) की छह सीटों पर पार्टी को 1-2% वोट मिले। . मूडबिद्री (2.28%), बंटवाल (2.93%), और पुलकेशीनगर (3.13%) में एसडीपीआई का वोट शेयर 2-5% के बीच था। मैंगलोर में, SDPI को 9.41% वोट मिले. एसडीपीआई को कुल 90,482 वोट मिले, जिसमें 16 सीटों पर 169 पोस्टल वोट भी शामिल हैं. इसका वोट शेयर 0.23% था, जो पांच साल पहले 0.12% से थोड़ा अधिक था.

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कांग्रेस के पक्ष में गया मुस्लिमों का वोट

कर्नाटक चुनाव रिजल्ट से ऐसा लगता है कि मुस्लिम वोट कांग्रेस के पक्ष में एकजुट हुआ. कर्नाटक के कुल मतदाताओं में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब 13 प्रतिशत है. कांग्रेस पार्टी ने मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण बहाल करने का वादा किया था, जिसे पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने खत्म कर दिया था.

कांग्रेस के 15 में से 9 मुस्लिम उम्मीदवारों को मिली जीत

कांग्रेस ने 15 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया और उनमें से नौ विजयी हुए. जद (एस) ने 23 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, लेकिन कोई भी जीत हासिल नहीं कर सका. जबकि असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे कुल पड़े मतों का केवल 0.02 प्रतिशत हासिल.

कर्नाटक में कांग्रेस ने 135 सीटों पर जीत दर्ज की

गौरतलब है कि कांग्रेस ने कर्नाटक में 224 विधानसभा सीटों में से 135 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया. वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 66 सीटें हासिल कीं, जिसके कारण उसे राज्य की सत्ता गंवानी पड़ी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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