Karnataka Elections 2023: क्या है 'वोट फ्रॉम होम' ? चुनाव आयोग की इस नयी पहल से कैसे लोग कर रहे हैं मतदान

Karnataka Elections 2023: चुनाव आयोग ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को अपने घर से मतदान करने की अनुमति प्रदान की है. जानें 'वोट फ्रॉम होम' की क्या है प्रक्रिया

Karnataka Elections 2023: कर्नाटक चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की ओर से तैयारी की जा रही है. इस क्रम में खबर आ रही है कि प्रदेश में ‘वोट फ्रॉम होम’ शुरू हो गया है. चुनाव आयोग ने इस बार 80 साल से ऊपर के लोगों और दिव्यांग लोगों के लिए घर से मतदान करने की अनुमति प्रदान की है. चुनाव आयोग और मतदान एजेंटों की 5 सदस्यीय टीम उनके घर का दौरा करेगी और उनसे मतदान लेगी. यह प्रक्रिया 6 मई तक चलेगा.

किन्हें मतदान करने की अनुमति

चुनाव आयोग ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को अपने घर से मतदान करने की अनुमति प्रदान की है. यानी ये मतदाता ‘वोट फ्रॉम होम’ करेंगे. इन्हें अपने घरों में गुप्त रूप से मतदान करने के लिए मतपत्र प्रदान किये जा रहे हैं. वोटिंग दो मतदान अधिकारी, एक माइक्रो ऑब्जर्वर, एक वीडियोग्राफर और पार्टी एजेंट सहित स्थानीय पुलिस मौजूदगी में हो रही है. बैलेट वोटिंग सिस्टम चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और पुलिस कर्मियों की देखरेख संपन्न कराया जा रहा है. मतदान समाप्त होने के बाद बैलेट बॉक्स को स्ट्रांग रूम में भेजने का काम किया जा रहा है.


लाखों मतदाताओं को होगा फायदा

चुनाव आयोग की इस नयी मतदान व्यवस्था का कर्नाटक में लगभग 5.71 लाख दिव्यांगों और 80 वर्ष से अधिक आयु के 12,15,763 बुजुर्ग वोटरों को फायदा मिलेगा. कर्नाटक चुनाव आयोग के आयुक्त मनोज कुमार मीणा की मानें तो, कुल 99,529 लोगों ने वोट फ्रॉम होम पर विश्वास जताया है और इसका चुनाव किया है. इसमें 80 वर्ष से अधिक आयु के 80,250 वरिष्ठ नागरिक और 19,729 दिव्यांग मतदाता शामिल हैं.

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मतदान 10 मई को

आपको बता दें कि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 10 मई को होंगे जबकि वोटों की गिनती 13 मई को की जाएगी. कर्नाटक के चुनावी दंगल में भाजपा और कांग्रेस के अलावा जेडीएस के उम्मीदवार भी ताल ठोंक रहे हैं. तीनों ही पार्टियां अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहीं हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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