UPI MDR: यूपीआई के नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर अमेरिकी दबाव में UPI शुल्क लागू करने का आरोप लगाया था. अब केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी को हर जगह अमेरिका का 'भूत' दिखाई देता है. न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक सिंधिया ने कहा कि ग्राहकों पर कोई चार्ज लगाने की बात नहीं है. नया MDR व्यापारी पक्ष से जुड़ा है और आम UPI ग्राहक पर इसका बोझ नहीं पड़ेगा.
राहुल गांधी पर क्या बोले सिंधिया?
सिंधिया ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयानों में राष्ट्र निर्माण की बात नहीं होती और अमेरिका का जिक्र बार-बार किया जाता है. उन्होंने कहा कि सरकार सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रही है और देश के लोग भी विकास की दिशा में काम कर रहे हैं. इससे पहले राहुल गांधी ने UPI MDR को लेकर आरोप लगाया था कि यह फैसला अमेरिकी दबाव में लिया गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसे वापस लेने की मांग की थी. राहुल गांधी ने इसे 'UPI टैक्स' कहा था. हालांकि वित्त मंत्रालय ने साफ किया कि MDR न तो कोई सरकारी टैक्स है और न ही इसे सरकार या NPCI अपने पास रखती है.
ग्राहकों को नहीं देना होगा MDR
सिंधिया ने कहा कि ग्राहक से एक पैसा भी अतिरिक्त नहीं लिया जाएगा. केंद्र सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक पर्सन टू पर्सन यानी P2P यूपीआई लेनदेन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे, चाहे भेजी जाने वाली रकम कितनी भी हो. इसके अलावा व्यापारियों को किए जाने वाले 2,000 रुपये तक के UPI भुगतान पर भी MDR नहीं लगेगा. सरकार के मुताबिक करीब 96 प्रतिशत P2M लेनदेन नए MDR के दायरे से बाहर रहेंगे.
किन लेनदेन पर लगेगा 0.4 प्रतिशत MDR?
नए ढांचे के तहत 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ज्यादा के चुनिंदा पर्सन टू मर्चेंट यानी P2M UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा. 75,000 रुपये या इससे ज्यादा के लेनदेन पर इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी. यह शुल्क व्यापारी पक्ष पर लागू होगा, ग्राहक पर नहीं.
सिंधिया ने कहा कि छोटे व्यापारियों को भी राहत दी गई है. एक लाख रुपये प्रतिमाह तक UPI QR भुगतान पाने वाले P2PM श्रेणी के छोटे व्यापारी zero-MDR व्यवस्था के तहत बाहर रहेंगे. उन्होंने कहा कि नए MDR से मिलने वाली राशि UPI के तकनीकी ढांचे, सर्वर नेटवर्क, साइबर सुरक्षा और सिस्टम के विस्तार को मजबूत करने में मदद करेगी. सरकार ने भी कहा है कि नया ढांचा UPI व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से लाया गया है.
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