जुनैद मोहम्मद मामले की जांच के लिए महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (Anti-terrorist Squads-ATS) की टीम जम्मू-कश्मीर पहुंची. उसे एटीएस ने पुणे से गिरफ्तार किया था. टीम को उसके आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंधों के बारे में कुछ जानकारी मिली है. एटीएस ने उसके परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए.
जम्मू-काश्मीर में देता था आतंकवाद की ट्रेनिंग
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि जुनैद मोहम्मद (junaid mohammed) समेत अन्य 4 आरोपी प्रितबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा के लिए काम करते थे. जुनैद लश्कर ए तैयबा से युवाओं को जोड़ने के लिए फेसबुक पर अलग-अलग नाम से 5 अकाउंट भी बनाए थे. जुनैद कई राज्यों के युवाओं को संगठन में भर्ती कर रहा था. वहीं, जांच एजेंसी ने बताया कि वह युवाओं को अतंकवाद की ट्रेनिंग दिलाने के लिए जम्मू काश्मीर ले जाने की कोशिश कर रहा था.
एटीएस ने इन धाराओं में मामला किया दर्ज
एटीएस ने सभी आरोपितों पर आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं 121 (ए), 153 (ए) और 116 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. जुनैद पर कश्मीर के आतंकी संगठन गजवाते अल हिंद से फंडिंग हासिल करने का भी आरोप है. वहीं, एटीएस द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि 30 दिसंबर, 2021 से खुफिया तरीके से जाँच चल रही थी. लेकिन इस मामले में 24 मई को प्राथमिकी दर्ज की गई. हालांकि, इस मामले में अब तक 3 आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिसके लिए एटीएस लगातार छापेमारी कर रही है.
10 से ज्यादा सीम कार्ड का इस्तेमाल
एटीएस ने जानाकरी देते हुए बताया कि जुनैद पिछले दो वर्षों में छह बार जम्मू काश्मीर जा चुका है, जिसकी जांच के लिए एटीएस जम्मू काश्मीर पहुंची है. वहीं, एटीएस ने प्रेस नोट में यह भी कहा कि जुनैद बेहद शातिर तरीके से युवाओं को लश्कर-ए-तैयबा संगठन में जोड़ने का काम कर रहा था. उसने अपने आकाओं से बात करने के लिए अब तक 10 से ज्यादा सीम कार्ड बदले हैं.
कौन है जुनैद मोहम्मद
जुनैद मोहम्मद लश्कर ए तैयबा संगठन में जुड़ने से पहले कबाड़ का काम करता था. जुनैद की पढ़ाई मदरसे से हुई है. वह बीते 18 महीने से पुणे में रह कर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था. एटीएस ने उसकी उम्र 28 साल बताया है.
