जावेद अख्तर ने पाकिस्तान में प्रशंसक को दिया करारा जवाब- मुंबई हमले को लेकर हमारे दिल में शिकायत है तो…

वायरल वीडियो में जावेद अख्तर एक पाकिस्तानी प्रशंसक को यह कहते नजर आ रहे हैं कि आप हमसे शिकायत ना करें हमारे देश में तो मेहंदी हसन और नुसरत फतेह अली खान पर बड़े-बड़े फंक्शन हुए आपके मुल्क में तो लता मंगेशकर पर कोई कार्यक्रम नहीं हुआ.

बाॅलीवुड के प्रसिद्ध लेखक और गीतकार जावेद अख्तर का एक बयान तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान जाकर पाकिस्तानियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है. जावेद अख्तर ने 26/11के मुंबई हमले की घटना को याद करते हुए कहा कि हम तो मुंबई के रहने वाले हैं, हमने देखा है कि किस तरह हमारे देश पर हमला हुआ था, कितने लोग मारे गये थे. वे लोग नार्वे से तो आये नहीं थे और ना ही इजीप्ट से आये थे. वे लोग आज भी आपके मुल्क में मौजूद हैं और आजाद घूम रहे हैं. इस घटना को लेकर अगर हिंदुस्तानियों के मन में शिकायत है, तो आपको बुरा नहीं मानना चाहिए.

जावेद अख्तर ने कहा-आप हमसे शिकायत ना करें

वायरल वीडियो में जावेद अख्तर एक पाकिस्तानी प्रशंसक को यह कहते नजर आ रहे हैं कि आप हमसे शिकायत ना करें हमारे देश में तो मेहंदी हसन और नुसरत फतेह अली खान पर बड़े-बड़े फंक्शन हुए आपके मुल्क में तो लता मंगेशकर पर कोई कार्यक्रम नहीं हुआ. इसी दौरान जावेद अख्तर ने 26/11 के हमले को भी याद किया. गौरतलब है कि जावेद अख्तर इन दिनों पाकिस्तान में उर्दू के प्रसिद्ध कवि फैज अहमद फैज पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने लाहौर गये हुए हैं, वहीं उन्होंने एक पाकिस्तानी प्रशंसक से उक्त बातें कहीं.


पाकिस्तान सिर्फ बम बरसाने वाला देश नहीं

दि प्रिंट में छपी खबर के अनुसार जावेद अख्तर ने एक पाकिस्तानी को यह करारा जवाब तब दिया जब उन्होंने यह कहा कि जब आप अपने मुल्क जायें तो वहां के लोगों को यह बतायें कि पाकिस्तान एक सकारात्मक, दोस्ताना और प्रेम बांटने वाला देश है. आप कई बार पाकिस्तान आये हैं इस बार जब आप हिंदुस्तान वापस जायें तो वहां लोगों से बतायें कि पाकिस्तान में भी अच्छे लोग हैं, वे सिर्फ बम नहीं बरसाते, प्यार भी लुटाते हैं.

जो गर्म है फिजा, वो कम होनी चाहिए

इस बात पर जावेद अख्तर ने उनसे कहा कि एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप हमें नहीं करना चाहिए, इससे मसले नहीं सुलझते. उन्होंने कहा -जो गर्म है फिजा, वो कम होनी चाहिए. उन्होंने कहा हम तो मुंबई वाले हैं, हमने देखा है कि किस तरह हमारे देश पर हमला हुआ था. वे लोग नार्वे से तो आये नहीं थे और ना ही इजीप्ट से आये थे. वे लोग आज भी आपके मुल्क में मौजूद हैं और आजाद घूम रहे हैं. इस घटना को लेकर अगर हिंदुस्तानियों के मन में शिकायत है, तो आपको बुरा नहीं मानना चाहिए.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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