इससे पहले जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में एक गुफा में छिपे जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक टॉप कमांडर समेत दो पाकिस्तानी आतंकवादी को सुरक्षा बलों ने मारे गिराया था.
18 दिनों में चतरू क्षेत्र में पांचवीं मुठभेड़
पिछले 18 दिनों में चतरू क्षेत्र में यह पांचवीं मुठभेड़ है, क्योंकि सेना और पुलिस, जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) संगठन से जुड़े पाकिस्तानी आतंकवादियों के एक समूह की तलाश कर रही है. किश्तवाड़ क्षेत्र में आज शाम लगभग 5.45 बजे किश्तवाड़ के दिच्छर क्षेत्र में ‘काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स डेल्टा’, व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा संचालित संयुक्त अभियान (त्राशी-1) में आतंकवादियों से सामना हुआ.
घने जंगल और दुर्गम भूभाग का फायदा उठा रहे आतंकवादी
चतरू क्षेत्र के पूरी तरह से बर्फ से ढके होने के बावजूद, सेना ने 18 जनवरी को मन्द्रल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव में हुई पहली गोलीबारी के बाद आतंकवादियों का पीछा करना जारी रखा. जिसमें एक पैराट्रूपर शहीद हो गया और सात सैनिक घायल हो गए. घने जंगल और दुर्गम भूभाग का फायदा उठाते हुए आतंकवादी भागने में कामयाब रहे, लेकिन 22 जनवरी को उन्हें पकड़ लिया गया था.
