International Kite Festival: सभी राज्यों को दिल्ली से जोड़ने का काम करेगा पतंगोत्सव

दिल्ली में देश के अलग-अलग किस्मों के बांस से सुसज्जित सुंदर प्राकृतिक स्थान बांसेरा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है. यह उद्यान दिखाता है कि अगर कोई व्यक्ति अपने संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए दृढ़ संकल्पित हो तो शानदार परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. बांसेरा उद्यान का उपयोग बढ़ाने और दिल्ली के लोगों को इसके प्रति आकर्षित करने के लिए दिल्ली सरकार को बेहतर आयोजन करने की जरूरत है. इस उद्यान में तीन पवेलियन हैं, जिनमें पतंगों का इतिहास और पतंगों का युद्धकालीन उपयोग भी प्रदर्शित किया गया है.

International Kite Festival: अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव- 2026 का आयोजन किया गया. पतंगोत्सव को सतत प्रयासों से और अधिक लोकप्रिय बनाने का काम होगा और यह  देश की जनता को दिल्ली से जोड़ने का काम करेगा.आगे चलकर यह पूरे देश का उत्सव बन सकता है. पतंगोत्सव को दिल्ली और समूचे देश में विस्तार देने और दिल्ली के पतंगोत्सव का केंद्र बनाने के लिए एक समिति गठित करने का सुझाव दिया गया. यह समिति इसे लोकप्रिय बनाने और जनभागीदारी बढ़ाने के पहलुओं पर काम करेगी. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पतंगोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अगला पतंगोत्सव ऐसा होना चाहिए जिससे इस उत्सव का स्थान देश और दुनिया के प्रमुख पतंगोत्सवों में शामिल हो सके. 

देशभर के सभी लोगों विशेष तौर पर किसानों को मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू और उत्तरायण की शुभकामना देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि उत्तरायण का पर्व पूरे देश में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. यह पर्व इसलिए खुशी का पर्व है क्योंकि हमारा ऋतु चक्र और हमारा जीवन असीम ऊर्जा के स्रोत भगवान सूर्यनारायण पर निर्भर होता है. हर ऋतु में देश के अलग-अलग हिस्सों में उत्सवों का आयोजन किया जाता है. हम उत्सवों के जरिये पूरे समाज को एकजुट करके आगे बढ़ने की सोच रखते हैं और उत्तरायण उसी का एक हिस्सा है. इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे. 


बांसेरा उद्यान बन रहा है पर्यटन का केंद्र


दिल्ली में देश के अलग-अलग किस्मों के बांस से सुसज्जित सुंदर प्राकृतिक स्थान बांसेरा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है. यह उद्यान इस बात का परिचायक है कि यदि कोई व्यक्ति अपने संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए दृढ़ संकल्पित हो तो शानदार परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. बांसेरा उद्यान का उपयोग बढ़ाने और दिल्ली के लोगों को इसके प्रति आकर्षित करने के लिए दिल्ली सरकार को बेहतर आयोजन करने की जरूरत है. इस उद्यान में तीन पवेलियन हैं, जिनमें पतंगों का इतिहास और पतंगों का युद्धकालीन उपयोग भी प्रदर्शित किया गया है. गृह मंत्री ने कहा कि जब साइमन कमीशन देश में आया था, तब उसका देश में जोरदार विरोध हुआ था. साइमन कमीशन गो बैक का नारा आजादी के आंदोलन का प्रतिघोष बन गया था और यह विराेध उत्तरायण के दिन  साइमन कमीशन गो बैक लिखे पतंग उड़ाकर भी किया गया था. मकर संक्रांति का उत्सव एक भारत, श्रेष्ठ भारत का प्रत्यक्ष उदाहरण बन चुका है.

पंजाब और हरियाणा में इसे लोहड़ी, तमिलनाडु में पोंगल, असम में माघ बिहू, पश्चिम बंगाल में पौष संक्रांति, गुजरात और महाराष्ट्र में उत्तरायण के ताैर पर और मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में खिचड़ी या संक्रांति खिचड़ी के नाम से मनाने की परंपरा है. यह पतंगोत्सव सभी राज्यों को दिल्ली से जोड़ने का एक प्रयास है. आने वाले दिनों में पतंगोत्सव दिल्ली में अपना एक विशेष स्थान बनाएगा और पूरे देश के पतंगबाजों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजों को भी अपनी कला दिखाने का मौका मिलेगा.  

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Vinay tiwari

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >