Internal Security: आतंकवाद और नॉरकोटिक्स के खिलाफ केंद्र सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. इसके लिए विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और पुलिस बल को आधुनिक बनाने के लिए सरकार की ओर से वित्तीय मदद देने का काम लगातार किया जा रहा है. देश की राजधानी दिल्ली इस मामले में काफी संवेदनशील है और ऐसे में सोमवार को दिल्ली पुलिस के स्थापना दिवस के मौके पर दिल्ली पुलिस को अधिक सशक्त बनाने के लिए स्पेशल सेल के इंटीग्रेटेड मुख्यालय का शिलान्यास किया गया. लगभग 368 करोड़ रुपए की लागत से बने स्पेशल सेल का यह इंटीग्रेटेड मुख्यालय नारकोटिक्स और आतंकवाद से निपटने में देश का सबसे आधुनिक केंद्र होगा.
इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह मुख्यालय अत्याधुनिक इंडोर फायरिंग रेंज, वॉर रूम, साइबर लैब, प्रशिक्षण हॉल सहित कई अन्य तरह तरह की आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. यह केंद्र देशभर के पुलिस वालों के लिए एक आदर्श स्पेशल सेल मुख्यालय के तौर पर काम करेगा. दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने नशीले पदार्थों के सिंडिकेट्स, जाली भारतीय करेंसी नोट, जटिल साइबर अपराध, संगठित अपराध के साथ ही न सिर्फ दिल्ली बल्कि देश की कई बड़ी आतंकी घटनाओं की जांच में सफल और महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने का काम किया है.
दिल्ली और अधिक होगी सुरक्षित
दिल्ली के लोगों को सुरक्षित माहौल मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 857 करोड़ रुपये की लागत वाले 10 नयी परियोजना शुरू की गयी. इसके तहत सेफ सिटी प्रोजेक्ट, आधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल कम्युनिकेशन और कम्प्यूटर सेंटर (सी4आई) को दिल्ली की जनता को समर्पित किया गया. यह सिस्टम दिल्ली के सभी सीसीटीवी कैमरों को जोड़ने का काम करेगी. इससे दिल्ली की सुरक्षा को बेहतर और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी. आने वाले समय में केंद्र सरकार पूरे देश में सीसीटीवी कैमरों का जाल बनाकर सुरक्षा का एक नया तंत्र खड़ा करने का काम करेगी.
देश के जवाबी सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाना
पिछले 11 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किए हैं. न्याय को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर एक अलग श्रेणी में रखा गया है. ई- एफआईआर और जीरो एफआईआर को कानूनी तौर पर सशक्त बनाने का काम किया है आईसीजेएस की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस, न्यायपालिका, फॉरेंसिक साइंस, अभियोजन और कारागार को जोड़कर उनकी सेवा अब ऑनलाइन मिलेगी.
गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से 2026 का दौर आंतरिक सुरक्षा के इतिहास के लिए स्वर्णिम काल के तौर पर हमेशा याद किया जाएगा. वर्ष 2014 से पहले देश में तीन समस्याएं जम्मू कश्मीर, वामपंथी उग्रवाद और उत्तर-पूर्व की हिंसा दशकों से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने का काम करता रहा. लेकिन समय के साथ इन चुनौतियों से पार पाने में कामयाबी मिली है.
