Indus Waters Treaty: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ऐसे बयान पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की हताशा भरी कोशिशें हैं. हम इन मनगढ़ंत दावों को पूरी तरह और पूरी सख्ती के साथ खारिज करते हैं.
भारत सरकार ने पाकिस्तान की बर्बरता को किया उजागर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पीओके में हो रहे अत्याचार और बर्बरता को उजागर किया. उन्होंने कहा- पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे वाले इलाकों में हो रहे विरोध-प्रदर्शन, पाकिस्तान की दशकों पुरानी आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और प्रशासनिक दमन की नीति का सीधा नतीजा हैं. इन इलाकों में पाकिस्तान ने पुलिस की बर्बरता, जरूरी सामान और दवाओं की सप्लाई रोकने, इंटरनेट बंद करने और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ जानलेवा बल का इस्तेमाल करके प्रतिक्रिया दी है.
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने सिंधु जल संधि को लेकर क्या दिया था बयान?
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गीदड़भभकी दी थी. जिसमें उन्होंने एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में कहा था- पानी पाकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी का हिस्सा है. अगर भारत धारा रोकने की कोशिश करेगा, तो हम भारत के खिलाफ युद्ध करने से नहीं हिचकेंगे.
पाकिस्तान के सिंधु जल संधि को लेकर यूएनएससी को लिखा पत्र
पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को पत्र लिखकर भारत की ओर से सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के कथित उल्लंघन का संज्ञान लेने का आग्रह किया है.
पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को कर दिया था खारिजे
विश्व बैंक की मध्यस्थता में 1960 में हुई यह संधि अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद निलंबित कर दी गई थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे. यह संधि 1960 से ही भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे एवं इस्तेमाल को नियंत्रित करती आ रही है.
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