Indus Waters Treaty: फारूक अब्दुल्ला ने सिंधु जल संधि पर मोदी सरकार से कर दी ऐसी मांग, पाकिस्तान को धो डाला

Indus Waters Treaty: पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद चरम पर है. इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने सिंधु जल संधि को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से बड़ी मांग कर दी है. उन्होंने पहलगाम हमले के लिए पाकिस्तान को जबरदस्त धोया. अब्दुल्ला ने कहा, हमले का जवाब मिलेगा और जोरदार मिलेगा.

Indus Waters Treaty: सिंधु जल संधि पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने कहा, भारत गांधी का देश है, हमने उन्हें (पाकिस्तान को) धमकी दी है कि हम पानी रोक देंगे, लेकिन हम उन्हें मारेंगे नहीं. हम उनके जैसे क्रूर नहीं हैं.” उन्होंने कहा, “जब सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर हस्ताक्षर किए गए थे, तब जम्मू-कश्मीर के लोगों को विश्वास में नहीं लिया गया था. इस संधि के कारण जम्मू-कश्मीर को सबसे बड़ा नुकसान हुआ है. मैं भारत सरकार से अपील करता हूं कि वह उस पानी को जम्मू के लोगों तक पहुंचाने की योजना पर काम करे.”

बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, सबका बदला लिया जाएगा : फारूक अब्दुल्ला

एनसी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा- “जिन लोगों ने यहां अपनी जान गंवाई, मैं उस दुल्हन से कहना चाहता हूं जिसकी शादी अभी 6 दिन पहले हुई है, उस बच्चे से जिसने अपने पिता को खून से लथपथ देखा कि हम भी रोए थे. हमने भी खाना नहीं खाया. ऐसे राक्षस अभी भी हैं जो मानवता का खून करते हैं. वे इंसान नहीं हैं। वे खुद को मुसलमान कहते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वे मुसलमान नहीं हैं… हम सब उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने आतंकवाद के कारण कष्ट झेले हैं. मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, सबका बदला लिया जाएगा. ‘अब प्याला भर गया है’… हमें अब इसे (आतंकवाद को) जड़ से उखाड़ फेंकना है. हम इसे 35 सालों से देख रहे हैं. लेकिन, वे कभी नहीं जीते, वे कभी नहीं जीतेंगे.”

‘जो डर गया वो मर गया’ : फारूक अब्दुल्ला

जेकेएनसी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “हालात सामान्य हैं. अधिक से अधिक पर्यटकों को यहां आना चाहिए. उन्हें डरना नहीं चाहिए. ‘जो डर गया वो मर गया’. मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहलगाम, गुलमर्ग, श्रीनगर और कटरा आएं. हम आतंकवाद से थक चुके हैं. आतंकवाद को खत्म करना जरूरी है और इसके लिए प्रधानमंत्री जो भी कदम उठाएंगे, हम उनके साथ हैं और उसका इंतजार कर रहे हैं.”

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >