Hormuz : पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच (ईरान और यूएस-इजरायल के बीच युद्ध) भारत अपने तेल और गैस वाले जहाजों की सुरक्षा लगातार कर रहा है. खबर है कि भारत ओमान की खाड़ी में और युद्धपोत भेज रहा है. सरकार को उम्मीद है कि ईरान इन जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति देगा. हालात को देखते हुए ये कदम उठाया गया है, ताकि भारतीय जहाज सुरक्षित तरीके से अपना सफर पूरा कर सकें.
सूत्रों के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स ने यह खबर प्रकाशित की है. नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि और जहाज भेजे जाने के बाद उस इलाके में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों (Warship) की संख्या बढ़कर करीब 6 से 7 हो जाएगी.
फुजैरा पोर्ट से आ रहा टैंकर सुरक्षित भारत पहुंचा
इस हफ्ते की शुरुआत में भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत ने भारत के झंडे वाले एक तेल टैंकर को ओमान की खाड़ी से सुरक्षित निकालकर देश के पश्चिमी तट तक पहुंचाया. यह टैंकर यूएई के फुजैरा पोर्ट से रवाना हुआ था. अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज लगभग बंद हो गया है. यह रास्ता बहुत अहम है, क्योंकि दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई यहीं से होती है.
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भारत के शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, इस इलाके में जारी तनाव की वजह से करीब 22 भारतीय जहाज भी होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं.
शिवालिक और नंदा देवी भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचे
इस वक्त होर्मुज के पूर्व, ओमान की खाड़ी में भारत के तीन युद्धपोत तैनात हैं. उनकी निगरानी में कुछ तेल-गैस वाले जहाज सुरक्षित भारत की ओर आ चुके हैं. हाल ही में (16 मार्च को खबर आई) भारत के झंडे वाले दो LPG जहाज (शिवालिक और नंदा देवी) करीब 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर हॉर्मुज पार करके भारतीय बंदरगाहों (Ports) तक पहुंचे.
ओमान की खाड़ी में ‘ऑपरेशन संकल्प’
ओमान की खाड़ी में भारतीय नौसेना की मौजूदगी ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत है. ऑपरेशन अभी के तनाव से पहले से चल रहा है. साल 2019 में इलाके में समुद्री सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं के बाद भारत ने अपने जहाजों को सुरक्षा देने के लिए नौसेना को एक्टिव किया था. ऐसा इसलिए ताकि भारतीय जहाज सुरक्षित तरीके से आ-जा सकें.
