India Pakistan War: भारत के एयर स्ट्राइक में 31 आतंकवादी ढेर, पाकिस्तानी गोलीबारी में एक जवान शहीद

India Pakistan War: पहलगाम का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने जो ऑपरेशन सिंदूर चलाया, उसमें 31 आतंकवादी ढेर हो गए. भारत ने एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान और POK के 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया. भारत की कार्रवाई के बाद सीमा पर पाकिस्तान लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है. एलओसी में भारी गोलीबारी में सेना का एक जवान शहीद हो गया.

India Pakistan War: पाकिस्तान पर भारतीय हवाई हमलों में मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हो गई, 46 घायल हो गए, रॉयटर्स ने पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता के हवाले से खबर दी है. भारत ने मंगलवार को एयर स्ट्राइक कर आतंकवादियों के 9 ठिकानों को तबाह कर दिया. भारत की कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने LOC पर भारी गोलीबारी की है. जिसमें सेना का एक जवान शहीद हो गया. भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने बताया, “5 फील्ड रेजिमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार ने 07 मई को पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी के दौरान अपनी जान कुर्बान कर दी. हम पुंछ सेक्टर में निर्दोष नागरिकों पर लक्षित हमलों के सभी पीड़ितों के साथ एकजुटता में खड़े हैं.”

पाकिस्तानी गोलीबारी में 15 नागरिकों की मौत

पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित गांवों को निशाना बनाकर भारी गोलाबारी की और मोर्टार गोले दागे जिसमें चार बच्चों एवं एक सैनिक सहित कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 57 अन्य घायल हो गए. पाकिस्तान की अंधाधुंध गोलाबारी में सैकड़ों निवासियों को भूमिगत बंकरों में शरण लेने या सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा. ऐसा इसलिए क्योंकि इस गोलाबारी में मकान, वाहन और एक गुरुद्वारा सहित विभिन्न इमारतें नष्ट हो गईं. इससे सबसे अधिक प्रभावित पुंछ जिले और राजौरी तथा उत्तरी कश्मीर के बारामूला और कुपवाड़ा में सीमावर्ती निवासियों में दहशत उत्पन्न हो गई.

भारतीय सेना दे रही पाकिस्तानी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब

भारतीय सेना गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रही है, जिसके कारण दुश्मन पक्ष के कई लोग हताहत हुए हैं, क्योंकि गोलीबारी में शामिल उनकी कई चौकियां नष्ट कर दी गई हैं. दोनों देशों के बीच 25 फरवरी, 2021 को संघर्षविराम समझौते के नवीनीकरण के बाद यह पहली बार है कि इतनी भारी गोलाबारी देखी गई है. पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास बालाकोट, मेंढर, मनकोट, कृष्णा घाटी, गुलपुर, केरनी और यहां तक ​​कि पुंछ जिला मुख्यालय से भी गोलाबारी की सूचना है, जिसके कारण दर्जनों आवासीय मकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >