India- Nepal Relations : भारत की यात्रा पर आए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि हम बॉर्डर के मुद्दे पर भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता करना चाहते हैं. जब हम खुले दिल, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ बैठते हैं, तो कोई भी समस्या बहुत बड़ी नहीं होती और कोई भी सीमा बहुत मुश्किल नहीं होती. हम यह चाहते हैं कि भारत और नेपाल ऐसी पार्टनरशिप बनाएं जो अतीत की चिंता से बंधी न हो, बल्कि भविष्य की उम्मीदों और संभावनाओं से आगे बढ़े.
आपसी बातचीत में कोई बुराई नहीं
अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के तीसरे दिन शिशिर खनाल ने कहा कि दोनों देशों के बॉर्डर के मुद्दे काफी समय से रुके हुए हैं. हमने यह प्रस्ताव दिया है कि दोनों देशों के बीच ऐसे मैकेनिज्म मौजूद हैं हैं, जिनके जरिए दोनों देश आमने-सामने टेबल पर बात कर सकते हैं. भारत भी आपसी बातचीत से समस्या का समाधान निकालना चाहता है.
भारत -चीन के एग्रीमेंट पर जताई चिंता
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा बहुत अलग-अलग बॉर्डर पॉइंट से होती है. कई लोग नेपाल से होकर जाते हैं. हमारी चिंता भारत और चीन के बीच कालापानी और लिपुलेख इलाके के जरिए हुए एग्रीमेंट के रिन्यूअल को लेकर है, जहां हम बहुत लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि यह जमीन हमारी है और नेपाल की मंजूरी के बिना, दोनों देश खुद से ये एग्रीमेंट नहीं कर सकते. हमने दोनों देशों को डिप्लोमैटिक नोट्स समेत अपनी बातचीत के जरिए यह बात साफ-साफ बता दी है.
भारत के जेन जी प्रोटेस्ट पर नहीं दी प्रतिक्रिया
शिशिर खनाल ने मीडिया से बात करते हुए भारत में हो रहे जेन जी प्रोटेस्ट पर बात करने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि नेपाल में सितंबर में हुए प्रोटेस्ट की वजह से हम सत्ता में आए हैं, लेकिन भारत में क्या हो रहा है, मुझे उसपर बात नहीं करनी है. मुझे नेपाल के बारे में बात करके खुशी होगी.
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