Ebola Outbreak : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा इबोला फैलने को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किए जाने के बाद भारत सरकार भी सतर्क हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे इबोला प्रभावित देशों की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है. सरकार ने कहा है कि इन देशों में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार (24 मई) को कहा कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और युगांडा में इबोला के बढ़ते मामलों को देखते हुए WHO ने 17 मई 2026 को इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है. मंत्रालय ने कहा कि WHO ने यह फैसला इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशंस (IHR) 2005 के तहत लिया है.
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सरकार ने इबोला प्रभावित देशों में रह रहे या यात्रा कर रहे भारतीयों से बेहद सतर्क रहने को कहा है. लोगों को स्थानीय प्रशासन की स्वास्थ्य गाइडलाइन मानने, साफ-सफाई का खास ध्यान रखने और बीमार या लक्षण वाले लोगों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है. अगर बुखार या इबोला जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है. सरकार ने बताया कि इबोला एक जानलेवा बीमारी है, जो बंडिबुग्यो वायरस से फैलती है. फिलहाल इस स्ट्रेन के इलाज या बचाव के लिए कोई मंजूर वैक्सीन या खास दवा नहीं है. राहत की बात यह है कि भारत में अभी तक इसका कोई मामला सामने नहीं आया है.
