भारत और चीन के बीच एलएसी पर तनाव जारी है. इसी बीच दोनों देशों के रक्षा मंत्री के बीच कल हुई बैठक पर रक्षा मंत्री कार्यालय का बयान आया है जिसमें कहा गया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फ़ेंघे ने भारत-चीन सीमा क्षेत्र के साथ भारत-चीन संबंधों पर खुलकर और गहन चर्चा की.
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष से कहा कि अपनी संप्रभुता की रक्षा को लेकर भारत की प्रतिबद्धता के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए. मॉस्को में हुई बातचीत में राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन ने लद्दाख में यथा स्थिति बदलने की कोशिश की, जो द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन है. चीन के रक्षा मंत्री के साथ बातचीत में राजनाथ सिंह ने चीन की जन मुक्ति सेना (पीएलए) के आक्रामक व्यवहार और सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ाए जाने पर आपत्ति जतायी.
राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री से कहा कि दोनों पक्षों को मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए. उन्होंने कहा कि चीन को सख्ती से वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान करना चाहिए और यथास्थिति में बदलाव के एकतरफा प्रयास नहीं करने चाहिए. दोनों पक्षों को वार्ता के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से वर्तमान स्थिति और लंबित मुद्दों को सुलझाना चाहिए. चीन को गतिरोध के सभी बिन्दुओं से सेना को पूरी तरह वापस बुलाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करना चाहिए और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे हालात और बिगड़ें. भारत और चीन के बीच विवाद से जुड़ी हर Latest News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ.
आपको बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगही के बीच शुक्रवार को दो घंटे से अधिक समय तक बैठक हुई जिसमें पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव को कम करने पर ध्यान केन्द्रित रहा. पूर्वी लद्दाख में मई में सीमा पर हुए तनाव के बाद से दोनों ओर से यह पहली उच्च स्तरीय आमने सामने की बैठक थी. इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल गतिरोध दूर करने के लिए चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ टेलीफोन पर बातचीत कर चुके हैं.
राजनाथ सिंह का संबोधन : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एससीओ में अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए विश्वास का माहौल, गैर-आक्रामकता, अंतरराष्ट्रीय नियमों के प्रति सम्मान तथा मतभेदों का शांतिपूर्ण समाधान जरूरी है. वेई से मुलाकात से पहले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में दिये गये उनके इस बयान को पूर्वी लद्दाख में भारत के साथ सीमा विवाद में संलिप्त चीन को परोक्ष संदेश के तौर पर देखा जा रहा था.
कांग्रेस विधायक का दावा : अरुणाचल प्रदेश के कांग्रेस विधायक निनॉन्ग एरिंग ने चौंकाने वाला दावा करते हुए ट्वीट किया कि चीनी सैनिकों ने 5 भारतीयों का अपहरण कर लिया है. एरिंग ने बताया कि प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के 5 लोगों को कथित तौर पर पीएलए के जवान उठाकर ले गये हैं.
Posted By : Amitabh Kumar
