POK को लेकर भारत का पाकिस्तान पर वार, कहा- प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है पाक सरकार

Ministry of External Affairs : पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओके) में जारी विरोध प्रदर्शनों पर भारत ने पाकिस्तान को घेरा है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह लोगों के वर्षों से चले आ रहे शोषण का नतीजा है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जवाबदेही की मांग की है.

Ministry of External Affairs : पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओके) में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओके में लोगों का गुस्सा कोई अचानक पैदा हुई स्थिति नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान के वर्षों से चले आ रहे शोषण, अधिकारों के हनन और अवैध कब्जे का नतीजा है. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने के बजाय पाकिस्तान सरकार बल प्रयोग और दमन का रास्ता अपना रही है.

भारत ने दुनिया से उठाई जवाबदेही की मांग

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पीओके की मौजूदा स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. भारत का कहना है कि पाकिस्तान लगातार वहां के लोगों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है. भारत ने वैश्विक समुदाय से अपील की कि पाकिस्तान को मानवाधिकार उल्लंघन और पीओके में हो रही घटनाओं के लिए जवाबदेह ठहराया जाए. उन्होंने कहा कि भारत का रुख है कि पीओके के लोगों को उनके मूल अधिकार मिलने चाहिए.

पुराने घटनाक्रम से जुड़ा मौजूदा विवाद

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल कहा कि पीओके में विरोध प्रदर्शन कोई नई बात नहीं है. पिछले कुछ ( 10 मई 2024 ) वर्षों में महंगाई, बिजली संकट, टैक्स व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर कई बार प्रदर्शन हुए हैं. उन्होंने कहा कि जब स्थानीय लोगों ने पाकिस्तान सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध किया था. उस समय भी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई थीं और कई इलाकों में तनाव फैल गया था.

भारत का दोहराया दावा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर भी शामिल है, भारत का अभिन्न अंग है. पीओके में ताजा विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान पर वहां के लोगों के अधिकारों के दमन का आरोप लगाया है. अब यह मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है और भारत चाहता है कि दुनिया पीओके के लोगों की आवाज को गंभीरता से सुने.

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By Satyendra Giri

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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