तबलीगी प्रेम पर 'बिहारी बाबू' को मिला सरकारी नोटिस, तो अब 'कायदे' से जवाब देंगे 'हुजूर'

कोरोना वायरस से ठीक हुए तबलीगी जमात के सदस्यों द्वारा अन्य मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा दान करने को लेकर किये गये ट्वीट पर कर्नाटक सरकार द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करने के एक दिन बाद आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने शनिवार को कहा कि वह नियमों के मुताबिक उसका जवाब देंगे.

बेंगलुरु : कोरोना वायरस से ठीक हुए तबलीगी जमात के सदस्यों द्वारा अन्य मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा दान करने को लेकर किये गये ट्वीट पर कर्नाटक सरकार द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करने के एक दिन बाद आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने शनिवार को कहा कि वह नियमों के मुताबिक उसका जवाब देंगे. आईएएस अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘हां, मुझे नोटिस मिला है और मैं जल्द ही नियमों के मुताबिक उसका जवाब दूंगा.’ बता दें कि कर्नाटक कैडर के 1996 बैच के अधिकारी मोहसिन बिहार के रहने वाले हैं और वर्तमान समय में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में एक सचिव के तौर पर कार्यरत हैं.

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मोहसिन ने कहा कि उन्होंने एक निजी समाचार चैनल की केवल एक खबर साझा की थी और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके ट्वीट को लेकर इतना हंगामा क्यों मचा है. यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें इस विवाद के पीछे कोई षड्यंत्र नजर आता है, तो अधिकारी ने कहा, ‘आप हर समय सभी को खुश नहीं कर सकते.’

अधिकारी पिछले वर्ष उस समय खबरों में आये थे, जब चुनाव आयोग ने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीते अप्रैल में ओडिशा दौरे के दौरान उनके हेलीकॉप्टर का निरीक्षण करने का प्रयास करने के लिए निलंबित कर दिया था. अधिकारी को एक चुनाव में पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात किया गया था. मोहसिन ने गत 27 अप्रैल को ट्वीट किया था, ‘300 से अधिक तबलीगी नायक देश की सेवा के लिए केवल नयी दिल्ली में प्लाज्मा दान कर रहे हैं. गोदी मीडिया का क्या? वे इन नायकों द्वारा किये गये मानवता के कार्य नहीं दिखाएंगे.’

कर्नाटक कैडर के 1996 बैच के अधिकारी मोहसिन बिहार के रहने वाले हैं और वर्तमान समय में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में एक सचिव के तौर पर कार्यरत हैं. राज्य सरकार ने कहा कि अधिकारी को उनके ट्वीट के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है. नोटिस के बारे में पीटीआई को प्राप्त जानकारी के अनुसार, इसमें कहा गया है कि कोविड-19 की गंभीर प्रकृति और इससे जुड़ी संवेदनशीलता को देखते हुए मीडिया में इस ट्वीट को जो कवरेज मिली है, उसे सरकार ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है.

सरकार ने अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 का उल्लंघन करने के लिए अधिकारी से पांच दिन के भीतर एक लिखित स्पष्टीकरण मांगा है. तबलीगी जमात इस साल तब सुर्खियों में आया, जब दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए उसके सैकड़ों सदस्य कोविड-19 से संक्रमित पाये गये थे. इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इसके सदस्य देश के विभिन्न हिस्सों में गये थे और उनमें से कई इससे संक्रमित थे.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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