I-N-D-I-A गठबंधन में दरार! इन दो राज्यों में 'आप' और कांग्रेस आमने-सामने, नाराजगी का दौर जारी

आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने से बच सकती है. यहां केजरीवाल की पार्टी अकेले चुनावी मैदान में उतरने की इच्छुक दिख रही है. जानें कांग्रेस के मन में क्या है.

लोकसभा चुनाव 2024 में एनडीए को परास्त करने के लिए विपक्ष ने गठबंधन बनाया है जिसका नाम इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस (I-N-D-I-A) रखा गया है. इस गठबंधन की चौथी बैठक दो दिन पहले राजधानी दिल्ली में हुई. इस बैठक के बाद कई तरह की खबरें सामने आ रहीं हैं. लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी के खिलाफ बनाये गये इस गंठबंधन के सभी घटक 28 राजनीतिक दलों की बैठक के एक दिन बाद, इसमें दरार पड़ने की खबर सुर्खियों में है. इस संबंध में अंग्रेजी वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स ने खबर प्रकाशित की है जिसमें कहा गया है कि जनता दल (यूनाइटेड) के एक वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे का नाम प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में आगे बढ़ाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है.

जो खबर प्रकाशित की गई है उसके अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 29 दिसंबर को जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाने का काम किया है. विपक्षी गठबंधन इंडिया की बैठक के बाद दिल्ली के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो चली है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नाराज हो गए हैं. उन्होंने दिल्ली में अपनी पार्टी के सभी सांसदों से मुलाकात की. यही नहीं, 29 दिसंबर को दिल्ली में ही पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाने का फैसला किया. हालांकि जेडीयू की ओर से यह तारीख पहले से ही तय था.

पंजाब में केजरीवाल की पार्टी अकेले चुनावी मैदान में उतरने की इच्छुक

इस बीच खबर है कि आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने से बच सकती है. यहां केजरीवाल की पार्टी अकेले चुनावी मैदान में उतरने की इच्छुक है. आपको बता दें कि दोनों दल ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा हैं. आप ने पंजाब विधानसभा चुनाव में भारी जीत के साथ सत्ता हासिल की थी. उसने 117 सीट जीती थीं और कांग्रेस केवल 18 सीट जीतने में कामयाब रही थी. विपक्षी खेमे के सूत्रों के हवाले से मीडिया में जो खबर चल रही है उसके अनुसार, कांग्रेस भी पंजाब में ‘आप’ के साथ गठबंधन के बिना लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छुक है. हालांकि, पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल लोकसभा चुनाव में दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं. आप राष्ट्रीय राजधानी की सात लोकसभा सीट में से तीन कांग्रेस के लिए छोड़ने को तैयार है.

गौर हो कि मंगलवार को हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में 28 विपक्षी दलों के नेता पहुंचे थे. पार्टियों ने बीजेपी से संयुक्त रूप से मुकाबला करने के वास्ते जनवरी के मध्य तक लोकसभा चुनाव के लिए सीट-बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की. विपक्षी खेमे का मानना है कि कांग्रेस और आप के पास अकेले लड़ने तथा इसे त्रिकोणीय मुकाबला बनाने के बजाय एक टीम के रूप में राष्ट्रीय राजधानी में अधिक लोकसभा सीट जीतने की बेहतर संभावना है. इस बीच खबर है कि पंजाब और दिल्ली में सीट बंटवारे पर चर्चा 30 दिसंबर के बाद हो सकता है.

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कांग्रेस की अहम बैठक आज

इस बीच कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कार्य समिति की आज बैठक होने वाली है, जिसमें अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों और ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों साथ मिलकर आगे बढ़ने की रणनीति समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कार्य समिति के विभिन्न सदस्य शामिल होंगे. उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक के दो दिनों बाद कांग्रेस कार्य समिति की बैठक होने जा रही है जिसको लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.

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खरगे को विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने की पैरवी

विपक्षी गठबंधन की 19 दिसंबर को हुई बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने की पैरवी की थी. हालांकि खरगे ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद ही प्रधानमंत्री पद के बारे में फैसला किया जाएगा.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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