कोरोना वैक्सीन लेने के बाद कितने दिनों तक रहेगा उसका प्रभाव ? जानिए ICMR के डीजी ने क्या बताया

ICMR, Dr Balram Bhargava, covishield, covaxin कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत ने बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है और एक साथ दो वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने वाला दुनिया का पहला देश भी बन गया है. औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड COVID-19 टीके ‘कोविशील्ड' और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन' के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी. जिसके बाद देश में अब टीकाकरण अभियान का मार्ग प्रशस्त हो गया है.

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत ने बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है और एक साथ दो वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने वाला दुनिया का पहला देश भी बन गया है. औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड COVID-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी. जिसके बाद देश में अब टीकाकरण अभियान का मार्ग प्रशस्त हो गया है.

वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद देशभर में खुशी की लहर देखी जा रहा है. लेकिन इस बीच आईसीएमआर के डीजी (ICMR DG) डॉ बलराम भार्गव ने वैक्सीन को बड़ी बात बता दी है. वैक्सीन को लेकर उन्होंने कहा, उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वैक्सीन का असर कब तक रहेगा. उन्होंने यह भी बताया कि देश में कितनी जनसंख्या का वैक्सीनेशन किया जाएगा, ये भी उन्हें मालूम नहीं है.

अब शायद ही हटेगा मास्क

डॉ बलराम भार्गव ने कोरोना के रोकथाम के लिए पहने जा रहे मास्क को लेकर भी बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने कहा, शायद ही अब मास्क हमारी जिंदगी से अलग हो पाए. ऐसा हो सकता है कि हमें हमेशा के लिए मास्क का इस्तेमाल करना पड़े. उन्होंने लोगों से कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की नसिहत दी है.

60 प्रतिशत अधिक तेजी से फैलता है कोरोना का नया स्ट्रेन

डॉ बलराम भार्गव ने नये स्ट्रेन को लेकर भी बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने कहा, कोरोना का नया स्ट्रेन 60% से अधिक संक्रामक है और ब्रिटेन में कहर पैदा कर रहा है, चिंताजनक है. भारत में अब तक नये स्ट्रेन के 29 मरीज सामने आये हैं. हालांकि उन्होंने खुशी जहिर करते हुए कहा कि हम बहुत जल्द नये वायरस को आइसोलेट करने में कामयाब रहे हैं.

गौरतलब है कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) की अनुशंसा के आधार पर भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने कोरोना के दोनों वैक्सीन को मंजूरी प्रदान की है. डीसीजीआई डॉ वी जी सोमानी ने कहा, सीडीएससीओ ने पर्याप्त अध्ययन के बाद विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने का फैसला किया है और तदनुसार मेसर्स सीरम और मेसर्स भारत बायोटेक के टीकों के आपात स्थिति में सीमित उपयोग के लिए स्वीकृति प्रदान की जा रही है. इससे आने वाले दिनों में भारत में कम से कम दो टीकों के जारी होने का रास्ता साफ हो गया है.

Posted By – Arbind kumar mishra

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