4 दिन में 3 जहाजों पर हमला, 3 भारतीयों की मौत; होर्मुज में अमेरिकी कार्रवाई पर भड़का भारत

Hormuz Tension: होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी में बढ़ते सैन्य तनाव का असर वहां से गुजरने वाले जहाजों पर पड़ रहा है. बीते चार दिनों में तीन वाणिज्यिक जहाज अमेरिकी सेना के निशाने पर आए, जिनमें तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई. घटना के बाद भारत ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है.

Hormuz Tension: ओमान तट और होर्मुज स्ट्रेट के आस-पास बढ़ते तनाव के बीच बीते चार दिनों में तीन कमर्शियल जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है. इस घटना के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. 10 जून को अमेरिकी सेना की ओर से हुए एक हमले में तीन भारतीय नागरिकों की जान चली गई. होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सैकड़ों भारतीय नाविक अब भी जहाजों पर तैनात हैं. बीते कुछ सप्ताहों में ईरान ने होर्मुज क्षेत्र पर अपनी निगरानी और नियंत्रण बढ़ा दिया है, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के आसपास नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर रखी है.

पलाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी सेटेबेलो पर हुआ था हमला

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने तीन भारतीयों की मौत पर कहा कि भारत अपने नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है. उन्होंने बताया कि जब पलाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी सेटेबेलो (MT Settebello) पर हमला हुआ, तब भारत ने अमेरिका को तत्काल अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया. इसके लिए अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी (CDA) जेसन मीक्स को तलब किया गया और उन्हें भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया गया. जायसवाल ने कहा कि भारत ने अमेरिका से साफ तौर पर कहा है कि तरह के हमले तुरंत बंद होने चाहिए और क्षेत्रीय तनाव का समाधान केवल बातचीत के माध्यम से ही सुलझ सकते हैं.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही हो- भारत

भारत ने अमेरिका के सामने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित समुद्री आवाजाही तय की जानी चाहिए. जायसवाल ने कहा कि भारतीय नागरिकों का जीवन और उनकी सुरक्षा भारत सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इस मुद्दे पर भारत का रुख पूरी तरह साफ है.

किन जहाजों पर हुए हमले?

विदेश मंत्रालय के अनुसार हमलों का शिकार बने तीनों जहाज विदेशी ध्वज वाले थे. इनमें दो जहाज पलाऊ के ध्वज वाले थे, जबकि तीसरा जहाज गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाला था. इन जहाजों में शामिल हैं- एमटी मैरीवेक्स (MT Maryvex), एमटी सेटेबेलो (MT Settebello) और जलवीर (Jalveer). हालांकि ये जहाज भारतीय स्वामित्व वाले नहीं थे, लेकिन इनमें बड़ी संख्या में भारतीय नाविक सवार थे.

मैरीवेक्स जहाज पर सवार थे 24 भारतीय नाविक

पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर मैरीवेक्स को 8 जून को अमेरिकी बलों ने निशाना बनाया था. जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे. अधिकारियों के अनुसार चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया और किसी भारतीय नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने की है दो हमलों की पुष्टि

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सेटेबेलो और मैरीवेक्स पर की गई कार्रवाई की पुष्टि की है. लेकिन, तीसरे जहाज जलवीर पर कथित हमले को लेकर अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है. इस बीच भारत लगातार अपने नागरिकों की सुरक्षा तय करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में बना हुआ है. बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अपर सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि सेटेबेलो जहाज से बाकी सभी 25 चालक दल सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है.

मृतकों के परिवारों को मिलेगी आर्थिक सहायता

सरकार ने मृत भारतीय नाविकों के परिवारों के लिए राहत सहायता की घोषणा की है. मुकेश मंगल ने बताया कि सीमैन वेलफेयर फंड सोसाइटी को प्रत्येक मृतक नाविक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया है.

समुद्री सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है. हाल के हमलों ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं. इस बीच भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपने नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाता रहेगा. भारत ने यह भी कहा है कि वो मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों का समर्थन भी करता रहेगा.

ओमान की खाड़ी में जारी है अमेरिकी कार्रवाई

ओमान की खाड़ी में एमेरिकी कार्रवाई जारी है. अमेरिकी सेना की मध्य कमान (CENTCOM) ने गुरुवार को दावा किया है कि उसने होर्मुज के बाहर ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर हमला किया है. सेना के अनुसार गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले इस जहाज ने अमेरिकी आदेशों का पालन नहीं किया और ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश की. सेना ने कहा कि बुधवार (10 जून) देर रात जहाज पर हेलफायर मिसाइल दागी गई, जिससे उसमें विस्फोट हुआ. अमेरिकी सेना ने कहा कि नाकेबंदी लागू होने के बाद से यह नौवां जहाज है जिसे निष्क्रिय किया गया है.

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Published by: Pritish Sahay

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