गुजरात के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ जयंती रवि ने वरिष्ठ अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिया है. राज्य सरकार ने तुरंत प्रभाव से अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. डॉ रवि ने निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावित जिलों में चौबीसों घंटे आपदा नियंत्रण कक्ष चालू रखे जाएं और वहां हर समय प्रथम श्रेणी का अधिकारी तैनात रहे.
राहत-बचाव के लिए सेना और NDRF अलर्ट पर
निचले और बाढ़-संभावित इलाकों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को तुरंत तैनात करने के आदेश दिए गए हैं. राहत एवं बचाव कार्यों की आवश्यकता पड़ने पर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है. प्रशासन के अनुसार, प्रभावित इलाकों से लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाएगा, जहां उनके लिए भोजन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम रहेंगे.
स्कूलों में छुट्टी का ऐलान, अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील
स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित करने का अधिकार दिया गया था. इसके तहत अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, पंचमहल, आणंद, भरूच, नवसारी, जामनगर और खेड़ा सहित कई जिलों में शुक्रवार को सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. राहत आयुक्त गौरांग मकवाणा ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक कोई बेहद जरूरी काम न हो, वे अपने घरों से बाहर न निकलें.
कहां-कहां रहेगा रेड और ऑरेंज अलर्ट?
आईएमडी ने अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, आणंद, भरूच, नर्मदा, तापी, डांग, नवसारी, वलसाड, दमन, दादरा एवं नगर हवेली, भावनगर, बोटाद और छोटा उदेपुर. (शनिवार को अहमदाबाद, आणंद, सुरेंद्रनगर और राजकोट के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. जबकि गांधीनगर, खेड़ा, पंचमहल, दाहोद, सुरेंद्रनगर, राजकोट और अमरेली के लिए ऑरेंज अर्ल्ट जारी किया है.
