Health: डेंगू, मलेरिया से निपटने के लिए केंद्र ने राज्यों को दिया कार्य योजना बनाने का निर्देश

देश में डेंगू और मलेरिया के मौजूदा स्थिति को लेकर दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुई. साथ ही सभी राज्यों को एक परामर्श जारी करते हुए आगामी महीनों में सतर्क रहने और डेंगू तथा मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निवारक उपायों के साथ-साथ सामुदायिक जागरूकता गतिविधियों को तेज करने का आग्रह किया गया.

Health: देश में डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार सजग हो गयी है. गुरुवार को इस बाबत केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई. बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहें. बैठक में देश में डेंगू और मलेरिया के मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गयी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों, स्थानीय निकायों और समुदायों से आग्रह किया कि उच्च जोखिम वाले दौर में जन स्वास्थ्य की रक्षा और वेक्टर जनित रोगों के बचाव के लिए निवारक एवं नियंत्रण उपायों को अपनाने का काम करें. साथ ही सभी राज्यों को एक परामर्श जारी करते हुए आगामी महीनों में सतर्क रहने और डेंगू तथा मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निवारक उपायों के साथ-साथ सामुदायिक जागरूकता गतिविधियों को तेज करने का आग्रह किया गया.

सतर्कता को लेकर व्यापक अभियान चलाने की जरूरत

नड्डा ने वेक्टर जनित रोगों के खिलाफ तत्काल और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल देते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों को व्यक्तिगत रूप से स्थिति की समीक्षा करने और 20 दिनों के अंदर कार्य योजना बनाने को कहा. केंद्र सरकार के तहत आने वाले अस्पतालों सहित सभी अस्पतालों को पर्याप्त दवा, उपचार सुविधा, बेड और मच्छर-मुक्त परिसर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. हाल ही में हुई बारिश के कारण जल जमाव के कारण मच्छरों के प्रजनन स्थल बनने के मद्देनजर, राज्यों और स्थानीय निकायों को विशेष सतर्कता बरतने और इसे लेकर व्यापक अभियान चलाने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि डेंगू की स्थिति का बारीकी से आकलन करने और अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक का जल्द आयोजन हो. 


मलेरिया से निपटने में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धि की है हासिल

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत ने मलेरिया से निपटने में उल्लेखनीय प्रगति की है. देश ने वर्ष 2015 से 2024 के बीच मलेरिया के मामलों में 78 फीसदी से अधिक और मलेरिया से संबंधित मौतों में लगभग 78 फीसदी की कमी हासिल की है. वर्ष 2022-24 के बीच देश के 160 जिलों में मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया है. भारत सरकार ने मलेरिया उन्मूलन के लिए कई पहल जैसे राष्ट्रीय रणनीतिक योजना (2023-27), वास्तविक समय निगरानी के लिए एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन मंच (आईएचआईपी) का क्रियान्वयन, आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि में वृद्धि, लंबे समय तक चलने वाले कीटनाशक जालों (एलएलआईएन) का बड़े पैमाने पर वितरण, प्रयोगशाला तकनीशियनों के लिए प्रशिक्षण और शून्य मलेरिया का दर्जा प्राप्त करने वाले जिलों को मान्यता प्रदान करना शामिल है. 

साल 2030 तक मलेरिया को मुक्त करने का लक्ष्य 

सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश को मलेरिया मुक्त बनाना है. डेंगू के संबंध में कहा कि सभी राज्य, केंद्र शासित प्रदेश (लद्दाख को छोड़कर) डेंगू और चिकनगुनिया से प्रभावित हैं और इनके प्रकोप का जोखिम मानसून और मानसून के बाद सबसे अधिक होता है. राष्ट्रीय डेंगू नियंत्रण रणनीति को राज्य वेक्टर-जनित रोग प्रकोष्ठों के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसमें निगरानी, केस प्रबंधन, वेक्टर नियंत्रण, अंतर-क्षेत्रीय समन्वय और सामुदायिक जागरूकता पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. केंद्र सरकार ने 869 प्रहरी निगरानी अस्पतालों और 27 शीर्ष रेफरल प्रयोगशालाओं के जरिये निशुल्क परीक्षण सुविधाएं प्रदान करके उपचार की क्षमता को भी मजबूत किया है. इस साल अब तक राज्यों को 5520 से अधिक डेंगू और 2530 चिकनगुनिया निदान किट मुहैया करायी गयी है.

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