Haryana Political Crisis: दुष्यंत चौटाला की फ्लोर टेस्ट की मांग पर कांग्रेस हुई एक्टिव, मांगा राज्यपाल से मिलने का समय

जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने राज्यपाल को पत्र लिखकर अविलंब प्रदेश में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है. सरकार अगर बहुमत साबित नहीं कर पाती है, तो राष्ट्रपति शासन लगाने की बात भी उन्होंने पत्र में लिखी है.

Haryana political crisis : कांग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने आज कहा कि पार्टी ने राज्यपाल से मिलने के लिए 10 मई शुक्रवार का समय मांगा है. प्रदेश में बीजेपी की सरकार अपना बहुमत खो चुकी है और अल्पमत की सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. गौरतलब है कि इससे पहले जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने भी राज्यपाल से फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की थी. जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने गुरुवार को हरियाणा के राज्यपाल को एक पत्र लिखकर प्रदेश में फ्लोर टेस्ट की मांग की है. गौरतलब है कि सत्ताधारी बीजेपी सरकार से तीन निर्दलीय विधायकों ने अपना समर्थन वापस ले लिया है जिसके बाद यह दावा किया जा रहा है कि प्रदेश कि नायाब सिंह सैनी की सरकार अल्पमत में आ गई है. ज्ञात हो कि जननायक जनता पार्टी पहले बीजेपी की सहयोगी रह चुकी है, लेकिन अब वे यह कह रहे हैं कि वे कांग्रेस की मदद से प्रदेश की बीजेपी सरकार को सत्ता से हटा सकते हैं.

अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेंगे :दुष्यंत चौटाला

दुष्यंत चौटाला ने पत्र में लिखा है कि यह यह स्पष्ट है कि नायाब सैनी की सरकार अब बहुमत में नहीं है, इसलिए अतिशीघ्र बहुमत परीक्षण कराया जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि दो महीने पहले बनी सैनी की सरकार अल्पमत में आ गई है क्योंकि उन्हें समर्थन देने वाले तीन विधायकों ने अपना समर्थन वापस ले लिया है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अगर अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है , तो वे इसका समर्थन करेंगे. समर्थन वापस लेने वाले तीन विधायक हैं- पुंडरी से रणधीर गोलन, नीलोखेड़ी से धर्मपाल गोंदर और चरखी दादरी से सोमबीर सिंह सांगवान. इन विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया.

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राज्यपाल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाएं

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्यपाल के पास यह शक्ति है कि वे फ्लोर टेस्ट का आदेश दें. उन्होंने यह कहा कि सरकार के पास अगर बहुमत होगा तो वे साबित करेंगे और अगर नहीं होगा, तो राज्यपाल को तुरंत प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए. वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने कहा कि उनकी सरकार पर कोई संकट नहीं है. वहीं पूर्व मुख्मंत्री एमएल खट्टर ने कहा कि सरकार पर कोई संकट नहीं है, कई विधायक हमारे संपर्क में हैं और चिंता करने की कोई बात नहीं है. प्रदेश में राजनीतिक हलचल तब तेज हुई है जब लोकसभा चुनाव चल रहे हैं और अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होना है. 90 सदस्यीय विधानसभा में अभी 88 विधायक हैं, जिनमें से 40 बीजेपी के 30 कांग्रेस के और 10 जेजेपी विधायक है. जबकि छह निर्दलीय और इनेलो और हरियाणा लोकहित पार्टी के एक-एक सदस्य हैं.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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