कंपनियों के लिए सरकार ने जारी की एडवाइजरी, कर्मचारियों को घर से काम करने की दें छूट

सरकार ने कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सामाजिक मेल-मिलाप को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से कंपनियों को परामर्श दिया है कि वे अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दें.

नयी दिल्ली : सरकार ने कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सामाजिक मेल-मिलाप को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से कंपनियों को परामर्श दिया है कि वे अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दें. कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने नियमों के अनुपालन में छूट देते हुए कंपनियों को 30 जून तक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये निदेशक मंडल की बैठक करने की सुविधा दी है. कॉरपोरेट मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने एक परामर्श में कहा कि मंत्रालय कंपनी कानून के तहत दी जा सकने वाली उन छूटों का आकलन कर रहा है, जिनके ऊपर महामारी की इस स्थिति में अमल किया जा सकता है.

सरकार ने कंपनियों और एलएलपी के लिए एक डिजिटल फॉर्म भी तैयार किया है, जिसके जरिये कोरोनावायरस संकट से जूझने की तैयारियों की जानकारी दी जा सकती हैं. इसका लक्ष्य उन कंपनियों और एलएलपी की जानकारियां जुटानी है, जिन्होंने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दे दी है.

श्रीनिवास ने परामर्श में कहा कि चूंकि कंपनियां और एलएलपी खासकर शहरी इलाकों में प्रमुख नियोक्ता हैं, संक्रमण को रोकने तथा बीमारी के कारण मौतों में कमी लाने के लिए सामाजिक मेल-मिलाप को कम करने के कदम का अधिकतम लाभ उठाने के लिए उनकी पूरी भागीदारी और सहयोग आवश्यक है. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों और एलएलपी को तत्काल प्रभाव से फिलहाल 31 मार्च तक अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा देने का परामर्श दिया गया है.

उन्होंने कहा कि सभी कंपनियों और एलएलपी को वीडियो कांफ्रेंस या अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिये बैठकें करने समेत मुख्यालय तथा क्षेत्रीय कार्यालयों में ‘घर से काम’ की नीति का क्रियान्वयन करने का परामर्श दिया जाता है. उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों के लिए कार्यालय आना जरूरी हो, उनके लिए भी कार्य का समय इस तरह से रखा जाना चाहिए कि लोगों का एक-दूसरे से कम से कम मिलना संभव हो.

परामर्श के अनुसार, ‘सीएआर (कोविड-19 को लेकर तैयारी के प्रति कंपनियों की स्वीकारोक्ति) नामक फॉर्म को संबंधित कंपनियों और एलएलपी के प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा भरा जाना चाहिए. परामर्श में कहा गया कि सीएआर-2020, 23 मार्च को उपलब्ध हो जाएगा तथा सभी कंपनियों से अनुरोध किया जाता है कि वे उसी दिन यह फॉर्म भर दें. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय ने परामर्श तथा निदेशक मंडल की बैठक के प्रावधानों में छूट की अधिसूचना के बारे में शुक्रवार को ट्वीट किया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >