कोरोना से जंग में सरकार का एक्शन प्लान, 14 फसलों पर लागत से 50 से 83 फीसदी ज्यादा दाम

नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरे होने के बाद सोमवार को पूरे कैबिनेट की बैठक हुई़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में किसानों, एमएसएमइ और रेहड़ी पटरी वालों को लेकर कई अहम निर्णय लिये गये

नयी दिल्ली : नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरे होने के बाद सोमवार को पूरे कैबिनेट की बैठक हुई़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में किसानों, एमएसएमइ और रेहड़ी पटरी वालों को लेकर कई अहम निर्णय लिये गये. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, नितिन गड़करी और नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लॉकडाउन के बाद देश को फिर से पटरी पर लाने के लिए उठाये गये कदमों की जानकारी दी.

जावड़ेकर ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लिए एमएसएमइ की परिभाषा को और संशोधित किया गया है. अब 250 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले बिजनेस मीडियम इंटरप्राइजेज कहलायेंगे. 20 हजार करोड़ रुपये के अधीनस्थ कर्ज के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है. इसके अलावा फुटपाथ विक्रेताओं समेत रेहड़ी पटरीवालों को 10 हजार रुपये तक कर्ज मिलेगा.

मोदी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले 

  • कोरोना से जंग में सरकार का एक्शन प्लान

  • किसान-एमएसएमइ को तोहफा

  • 14 फसलों पर लागत से 50-83% ज्यादा दाम

  • मध्यम कारोबार के लिए टर्नओवर 250 करोड़ तक

  • रेहड़ी-पटरी वालों को 10 हजार तक का कर्ज

  • एमएसएमइ के लिए 20 हजार करोड़ के कर्ज की स्कीम मंजूर

वहीं, किसानों को राहत पहुंचाने के लिए 14 फसलों में 50 से 83 फीसदी तक ज्यादा दाम देने का फैसला किया है. धान का एमएसपी 53 रुपये बढ़ा कर 1,868 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है. तूअर और मूंग में 58 फीसदी की बढ़ोतरी की गयी है. मक्का के समर्थन मूल्य में 53 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. सरकार की ताजा घोषणाओं से करीब 66 करोड़ लोगों को लाभ होगा, जिसमें 55 करोड़ खेती पर निर्भर लोग हैं, जबकि 11 करोड़ एमएसएमइ में काम कर रहे हैं.

एमएसएमइ में बढ़ेगा निवेश, पैदा होंगी नौकरियां-

संकट में फंसे एमएसएमइ को इक्विटी सहायता मिलेगी -20 हजार करोड़ रुपये के कर्ज की स्कीम मिली मंजूरी -इस प्रावधान से दो लाख एमएसएमइ को पहुंचेगा लाभ -50 करोड़ तक निवेश वाली इकाई एमएसएमइ के दायरे में -250 करोड़ तक के कारोबार वाली इकाई भी एमएसएमइ में -एमएसएमइ के निर्यात का टर्नओवर इसमें नहीं जोड़ा जायेगा – 4000 करोड़ रुपये के डिस्ट्रेस फंड को मिली मंजूरी

फुटपाथ विक्रेता व रेहड़ीवालों को लोन की सौगात-रेहड़ी पटरीवालों के लिए विशेष ऋ ण योजना को मिली मंजूरी -फुटपाथ विक्रेताओं समेत रेहड़ी पटरी वालों को 10 हजार रुपये तक कर्ज मिलेगा -रेहड़ी पटरी वालों के लिए प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि का गठन -50 लाख लोग लाभान्वित, दायरे में मोची, सैलून लॉन्ड्री व पान की दुकानें भी -कर्ज को मासिक किस्तों में एक साल में लौटा सकते हैं -समय से भुगतान में सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी के रूप में लाभार्थी के खाते में डाले जायेंगे-इसके लिए पोर्टल व मोबाइल एप भी तैयार किये जायेंगे

किसानों का ख्याल, धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 53 रुपये का इजाफा-14 फसलों पर किसानों को लागत से 50 से 83 फीसदी ज्यादा कीमत मिलेगी-धान ज्वार के लिए लागत से 50 फीसदी से ज्यादा दाम मिलेगा-किसानों के अलावा खेती से जुड़ी अन्य गतविधियों को भी वित्तीय मदद -धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य अब 1868 रुपये प्रति क्विंटल -ज्वार 2620 रुपये प्रति क्विंटल, बाजरा 2150 रुपये प्रति क्विंटल -रागी, मूंग, मूंगफली, तिल, कपास व सोयाबीन के समर्थन मूल्य में 50 फीसदी की बढ़ोतरी

कर्ज भुगतान की तिथि बढ़ी, ब्याज सस्ता-खेती से जुड़े काम के लिए तीन लाख तक के अल्पकालिक कर्ज के भुगतान की तिथि 31 अगस्त तक बढ़ी -किसानों को ब्याज में छूट देने का भी होगा प्रावधान -समय से कर्ज चुकाने पर किसानों को चार फीसदी दर पर ऋण मिलेगा-बचे हुए करीब ढाई करोड़ किसानों को केसीसी योजना के तहत लाया जायेगा

Posted by Pritish Sahay

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