Gaurav Gogoi on Amit Shah : कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर मानसून सत्र के दौरान संसद से दूर रहने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री से जवाब मांग रहा था, लेकिन अमित साह करीब 15 दिन तक सदन में नजर नहीं आए.
गोगोई ने तंज कसते हुए कहा कि सत्र खत्म होने से सिर्फ दो दिन पहले गृह मंत्री कुंभकर्ण जैसी नींद से जागे और चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही.
'जब चर्चा हो रही थी, तब कहां थे?'
गोगोई ने सवाल उठाया कि जब सदन में मुद्दे पर चर्चा हो रही थी और विपक्ष अपनी बात रख चुका था, तब गृह मंत्री जवाब देने के लिए सामने क्यों नहीं आए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार आगे चर्चा की मांग करती रही और इस बहाने गृह मंत्री के जवाब को टालती रही. गोगोई ने कहा कि आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित साह सदन की कार्यवाही खत्म होने के समय पहुंचे और लोकसभा अध्यक्ष के संबोधन को भी नहीं सुना.
सरकार पर संसद से भागने का आरोप
गौरव गोगोई ने दावा किया कि पूरे मानसून सत्र के दौरान सरकार दबाव में रही और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचती रही. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और अमित साह सदन की कार्यवाही से पूरी तरह दूर रहे. गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों का सामना नहीं करना चाहती थी, इसलिए वह संसद से बचती रही.
अमित शाह ने कहा था- हर सवाल का जवाब देने को तैयार
गौरव गोगोई का बयान अमित शाह के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें गृह मंत्री ने NEET पेपर लीक को लेकर छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर संसद में सभी सवालों का जवाब देने की बात कही थी. अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से विपक्ष से चर्चा के लिए समय तय करने को कहा था.
उन्होंने अपने पत्र में कहा कि परीक्षा में अनुचित साधनों से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने NEET का मुद्दा नहीं उठाया था, फिर भी सरकार इस विषय पर दोबारा चर्चा के लिए तैयार है. वहीं, मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.
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