असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आरोपों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने रिएक्शन दिया है. उन्होंने कहा कि सीएम इतने नीचे गिर गए कि उन्होंने उनके बच्चों से जुड़ी जानकारी तक सार्वजनिक कर दी. गोगोई ने कहा कि हम भी उनके बच्चों के बारे में जानते हैं, लेकिन ऐसी बातें उजागर नहीं करते. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान असम को बदनाम कर रहे हैं. झूठी जानकारी फैलाई जा रही है. गोगोई ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेना चाहिए.
गोगोई ने कहा कि वह शुरू से ही एसआईटी जांच के खिलाफ नहीं हैं और चाहते हैं कि एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कोई चाणक्य नहीं हैं. इस मामले को राजनीति के जरिए मोड़ने की कोशिश की जा रही है.
मुख्यमंत्री पिछले छह महीनों से चुप क्यों थे : गौरव गोगोई
असम के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि रविवार की लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस के पीछे असल वजह कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा था, तो मुख्यमंत्री पिछले छह महीनों से चुप क्यों थे. गोगोई ने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री के परिवार के पास 12 हजार बीघा जमीन होने का खुलासा करने के बाद ही सीएम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी.
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जनता की अदालत में होगा फैसला : सीएम हिमंत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को गौरव गोगोई को भारत विरोधी नेटवर्क का ‘प्रमुख सूत्रधार’और उनकी पत्नी को पाकिस्तानी ‘एजेंट’ करार देते हुए कहा कि विपक्षी दल के नेता की देश विरोधी गतिविधियों पर फैसला करने का अधिकार उन्होंने ‘जनता की अदालत’ पर छोड़ दिया है. इससे पहले, सरमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच ‘गहरा संबंध’ था. खुफिया ब्यूरो से जानकारी लेकर गुप्त रूप से पड़ोसी देश को दी जाती थी.
