कांग्रेस को दक्षिण में एक और झटका, आंध्र प्रदेश के पूर्व CM रेड्डी ने थामा BJP का दामन

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी के जीवन पर गौर करें तो उन्होंने साल 1989 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. कुछ दिन पहले उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. अब उनके भाजपा में जाने की खबर आ रही है.

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. दक्षिण भारत के एक और राज्य में कांग्रेस को बड़ा झटका आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने दिया है. उन्होंने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने भाजपा का दामन थामने के बाद कहा कि कांग्रेस आलाकमान के गलत फैसलों की वजह से राज्य दर राज्य पार्टी टूट रही, यह एक राज्य की बात नहीं. एक पुरानी कहानी है कि मेरा राजा बहुत बुद्धिमान है वह अपने आप नहीं सोचता और न ही किसी का सुझाव मानता है. आप सबको पता चल गया होगा कि मैं क्या कहना चाहता हूं…

आपको बता दें कि पिछले दिनों उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. रेड्डी के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद मणिकम टैगोर ने कहा था कि जिन लोगों ने पार्टी से सब कुछ हासिल किया और आंध्र प्रदेश कांग्रेस को खत्म कर दिया, वे अब भाजपा का दामन थाम लें.

गौर हो कि किरण कुमार रेड्डी अविभाजित आंध्र प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री थे. 11 मार्च को लिखे एक पत्र में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित करते हुए आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने लिखा था कि कृपया इस पत्र को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से मेरे इस्तीफे के रूप में स्वीकार करने का काम करें. उन्होंने इससे पहले 2014 में तत्कालीन यूपीए सरकार के आंध्र प्रदेश को विभाजित करने और तेलंगाना बनाने के फैसले पर कांग्रेस का दामन छोड़ा था. उस समय उन्होंने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी जय समैक्य आंध्र पार्टी का गठन किया था, लेकिन 2018 में कांग्रेस में उनकी वापसी हो गयी थी.

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आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी का राजनीतिक करियर

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी के जीवन पर गौर करें तो उन्होंने साल 1989 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. उन्होंने वायलपाडु से कांग्रेस के टिकट पर जीत का परचम लहराया. रेड्डी ने 1999 और 2004 में एक ही निर्वाचन क्षेत्र से और बाद में 2009 में पिलेरू विधानसभा क्षेत्र से चुनाव में जीत दर्ज की. इसके बाद साल 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की मौत के बाद उन्होंने ने 2010 में अविभाजित आंध्र प्रदेश की बागडोर संभाली. वाईएस राजशेखर रेड्डी की मौत के बाद नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रम पैदा हो गया था.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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