पुणे के एक कैमिकल फैक्टरी में आग लगने से 18 लोगों की मौत हो गयी जबकि नौ लोग लापता है. जानकारी के अनुसार जिस वक्त आग लगी फैक्टरी में 37 लोग ड्यूटी पर थे. यह कैमिकल फैक्टरी पुणे से 40 किलोमीटर दूर स्थित है.
फायर ब्रिगेड के अधिकारी ने बताया कि अबतक 18 शव घटनास्थल से बरामद किये जा चुके हैं. अन्य लोगों के बारे में अबतक कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है. आग बुझाने के काम में छह दमकल जुटे थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना में मारे गये लोगों के लिए दो-दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये दिये जायेंगे.
आग एसवीएस एक्वा टेक्नोलॉजीज के संयंत्र में लगी जिसमें क्लोरीन डायऑक्साइड का उत्पादन होता है. यह संयंत्र पुणे शहर के पास मुलशी तहसील के पीरागुंट इलाके में स्थित है. पीएमआरडीए (पुणे महानगर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण) के मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र पोटफोडे ने बताया कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, आग शाम में करीब चार बजे लगी और उसके बाद उनके कम से कम 17 कर्मचारी लापता हैं. अब तक 12 शव बरामद किए हैं जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं और अन्य कर्मचारियों की तलाश की जा रही है.
आग पर काबू पा लिया गया है और लापता कर्मियों की तलाश की जा रही है. कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि प्लास्टिक सामग्री की पैकिंग किए जाने के क्रम में आग लगी. उन्होंने कहा कि पैकेजिंग हिस्से में कुछ चिंगारी के कारण आग लगी और चारों ओर प्लास्टिक होने के कारण यह तेजी से फैल गयी.
पुणे के एसपी अभिनव देशमुख ने बताया कि 17 कर्मचारी आग लगने के बाद अंदर फंस गये थे, फैक्टरी में क्लोरीन डाइऑक्साइड का उत्पादन होता है
Posted By : Rajneesh Anand
